72 घंटे का अल्टीमेटम और फिर एक्शन! कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा नाबालिग के पिता पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज?
जंतर-मंतर विवाद में नाबालिग के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. जानें 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद कैसे हुई कार्रवाई.
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. नाबालिग छात्रा के पिता पर कथित हमला करने के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने के साथ-साथ नाबालिग को कथित धमकियां मिलने के मामले में POCSO एक्ट के तहत नई एफआईआर भी दर्ज की है.
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और उनके समर्थकों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव किया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.
पुलिस ने क्या कहा था?
प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने CJP प्रतिनिधियों को भरोसा दिया था कि आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी. करीब 20 साल का स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर खुद को ‘सनातनी योद्धा’ बताता है. आरोप है कि उसने एक वीडियो में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान नाबालिग लड़की के पिता पर हमला करने की बात कही थी.
वीडियो में उसने कथित तौर पर दावा किया था कि उसने उनके “सिर फोड़ दिया” और अपने ‘राजनीतिक रसूख’ के कारण जेल जाने से बचता रहा. उसके इस कथित वीडियो के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.
नाबालिग ने लगाए धमकियों के आरोप?
पीड़िता ने बताया कि पिता पर हमले की एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे सोशल मीडिया पर लगातार गालियां और बलात्कार की धमकियां मिलने लगीं. उसका कहना था कि इन धमकियों और ऑनलाइन उत्पीड़न के कारण वह स्कूल तक नहीं जा पा रही थी. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी.
कैसे पुलिस की कार्रवाई से बच रहा था आरोपी?
पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए बिहार का रहने वाला स्वतंत्र भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंचा था. वहां उसने हरिशंकर शर्मा नाम के एक कैब ड्राइवर के घर में शरण ली.
हरिशंकर शर्मा के मुताबिक, भारद्वाज सुबह अपने एक साथी के साथ उनके घर पहुंचा था. दोपहर में जब गांव में मीडियाकर्मी पहुंचने लगे तो उसने बाइक मांगी और कहा कि वह पांच मिनट में वापस आ जाएगा. इसके बाद वह बाइक लेकर वहां से निकल गया.
सादे कपड़ों में पहुंची क्राइम ब्रांच
दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में पहुंची और धमेड़ा नारा गांव से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया. सिकंदराबाद के सीओ दीपक कुमार के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में कोई अग्रिम सूचना दर्ज कराए बिना यह कार्रवाई की.
FIR में SC/ST एक्ट जुड़ा, POCSO में नई FIR
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मूल एफआईआर में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गई हैं. इसके अलावा नाबालिग को कथित तौर पर मिली धमकियों और उत्पीड़न के मामले में POCSO एक्ट के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की गई है. फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से हिरासत में पूछताछ कर रही है. पुलिस मामले में हमले, धमकियों और नाबालिग के कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है.




