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SIR विवाद पर BJP की क्या है रणनीति, विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग ने क्या उठाए कदम, 8 पॉइंट्स में जानें सरकार का पूरा प्लान

SIR विवाद को लेकर इन दिनों दिल्ली की सड़कों पर आए दिन प्रोटेस्ट देखने को मिल रहा है. पूरा विपक्ष अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं इससे निपटने के लिए सरकार भी प्लान बना रही है.

SIR Controversy
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SIR Controversy

( Image Source:  ANI )

SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर दिल्ली में सियासी घमासान तेज हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा और केंद्र सरकार इस मामले से निपटने के लिए कई स्तरों पर रणनीति बना रही हैं. एक तरफ चुनाव आयोग पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के लिए कदम उठा रहा है, तो दूसरी ओर सरकार विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.

भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की तैयारी में है. पार्टी चुनाव आयोग की प्रक्रिया, मतदाता सूची में संशोधन और चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति जैसे मुद्दों पर तथ्य पत्र तैयार कर रही है. इसके अलावा, सरकार ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए नए स्थान निर्धारित किए हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, छात्रों और युवाओं तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है.

8 पॉइंट्स में जानें पूरा प्लान

1. मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. इसके जवाब में भाजपा चुनाव आयोग से जुड़े तथ्यों को सामने रखने और विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक स्तर पर मुकाबला करने की तैयारी कर रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, तैयार किए जा रहे तथ्य पत्र में चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद और देशभर में मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों से जुड़े आंकड़े शामिल होंगे. भाजपा इस विवाद के बीच घुसपैठ और डेमोग्राफिक बदलाव जैसे मुद्दों को भी उठाने की कोशिश कर रही है.

2. SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से छूट गए पात्र लोगों को दोबारा शामिल करने के लिए चुनाव आयोग ने कदम तेज किए हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल के बाद आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया, जहां SIR का काम पूरा हो चुका है.

3. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर SIR से जुड़ी जानकारी साझा की. इसके मुताबिक, दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम हटाए गए थे. इन मामलों को सुलझाने के लिए अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक लगभग 20 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है.

4. दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार में भी मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों को शामिल करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, राज्य के 24 जिला निर्वाचन अधिकारियों ने इस दिशा में सक्रिय अभियान शुरू किया है. वहीं, बिहार में 38 जिला निर्वाचन अधिकारी इसी तरह का काम कर रहे हैं.

5. बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए 90,000 से अधिक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. दोनों राज्यों में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा.

6. दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के कारण जनजीवन प्रभावित होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने आदेश जारी किया. इसके तहत जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाया गया.

7. दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर भी अपना रुख स्पष्ट किया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस तरह की मांग के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है.

8. भाजपा सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने SIR पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कदम उठाए हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि उसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों के विरोध करने के अधिकार की रक्षा भी करनी है.

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