राजीव गांधी वर्सेस राजमोहन गांधी: 1989 लोकसभा चुनाव में अमेठी में क्या-क्या हुआ था, जिसका जिक्र कर BJP ने राहुल गांधी को घेरा
1989 के अमेठी लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी, राजमोहन गांधी और कांशीराम आमने-सामने थे. जानिए चुनाव के नतीजे, हिंसा के आरोप और अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर क्यों साधा निशाना.
देश में SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सियासी घमासान जारी है. राहुल गांधी समेत विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहे हैं. वहीं, भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उस पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है. इसी बीच भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने 1989 के अमेठी लोकसभा चुनाव का जिक्र कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है.
अनुराग ठाकुर ने राजीव गांधी के खिलाफ जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी का जिक्र करते हुए उस दौर के चुनावी विवादों की याद दिलाई. 1989 के चुनाव में अमेठी सीट पर राजीव गांधी ने जीत दर्ज की थी. चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा और धांधली के आरोप भी चर्चा में आए थे. भाजपा इसी इतिहास का हवाला देकर राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को चुनौती दे रही है.
1989 में अमेठी लोकसभा चुनाव में क्या हुआ था?
1989 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर कांग्रेस के राजीव गांधी, जनता दल के राजमोहन गांधी और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम मैदान में थे. दिए गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, राजीव गांधी को 2,71,407 वोट मिले, जबकि राजमोहन गांधी को 69,269 और कांशीराम को 25,400 वोट मिले. राजीव गांधी ने करीब 2.02 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी.
चुनाव के दौरान अमेठी में हिंसा की घटनाएं भी सामने आई थीं. जनता दल के नेता संजय सिंह पर गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसमें उनके गंभीर रूप से घायल होने की खबर आई थी. मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोप भी लगाए गए थे. हालांकि, इन आरोपों और उनके आधिकारिक निष्कर्षों को अलग-अलग करके देखना जरूरी है.
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर क्या कहा?
भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों में हार या प्रतिकूल नतीजों के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है. उन्होंने राहुल गांधी को ‘हवा-हवाई’ नेता बताते हुए कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय ठोस सबूत पेश किए जाने चाहिए. भाजपा का कहना है कि बिना प्रमाण चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है.
SIR विवाद से कैसे जुड़ा है 1989 के अमेठी चुनाव का जिक्र?
वर्तमान विवाद में राहुल गांधी और विपक्षी दल SIR तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. दूसरी ओर, भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बताते हुए जवाब दे रही है. इसी सियासी टकराव के बीच अनुराग ठाकुर ने 1989 के अमेठी चुनाव का उदाहरण देकर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए हैं.




