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जिस Armoured Corps से आते हैं नए आर्मी चीफ धीरज सेठ, उसे Pak में कहते हैं 'द प्राइड ऑफ इंडिया'- GD Bakshi ने और क्या क्या बताया?

रिटायर्ड मेजर जनरल GD Bakshi ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत में नए आर्मी चीफ धीरज सेठ को भारतीय सेना के लिए सबसे उपयुक्त नेतृत्वकर्ता बताया. उन्होंने कहा कि जिस Armoured Corps से धीरज सेठ आते हैं, उसकी Poona Horse रेजीमेंट को पाकिस्तान भी 'The Pride of India' कहता है.

जिस Armoured Corps से आते हैं नए आर्मी चीफ धीरज सेठ, उसे Pak में कहते हैं द प्राइड ऑफ इंडिया- GD Bakshi ने और क्या क्या बताया?
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भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ को लेकर रक्षा मामलों के विशेषज्ञ और रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बक्शी ने खुलकर तारीफ की है. स्टेट मिरर को दिए एक इंटरव्यू में जीडी बक्शी ने कहा कि जनरल सेठ भारतीय सेना के लिए बेहद उपयुक्त और अनुभवी चयन हैं.

बक्शी के मुताबिक, जनरल धीरज सेठ इस समय सेना के वाइस चीफ हैं और उन्हें पहले से ही सेना मुख्यालय में लाकर जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया है, जिससे नए आर्मी चीफ के तौर पर उन्हें काम संभालने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जनरल सेठ दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी कमान का नेतृत्व कर चुके हैं, जो पाकिस्तान से लगने वाले संवेदनशील इलाकों की जिम्मेदारी संभालती हैं.

GD Bakshi ने जनरल धीरज सेठ की क्यों की तारीफ?

जीडी बक्शी ने कहा कि जनरल धीरज सेठ बेहद पढ़े-लिखे, बुद्धिमान और अनुभवी अधिकारी हैं. उनके अनुसार, सेना प्रमुख के पास ऑपरेशनल अनुभव होना सबसे जरूरी होता है और जनरल सेठ इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं. उन्होंने बताया कि जनरल सेठ Armoured Corps से आते हैं और उन्होंने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित Poona Horse रेजीमेंट में सेवा दी है.

बक्शी के अनुसार यह भारतीय सेना की सबसे गौरवशाली रेजीमेंट्स में से एक है, जिसने दो परमवीर चक्र विजेता दिए हैं. इस रेजीमेंट से कर्नल ए.बी. तारापोर, लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह और सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल जैसे दिग्गज अधिकारी जुड़े रहे हैं.

स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत करते हुए जीडी बक्शी ने Poona Horse की प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि इस रेजीमेंट को पाकिस्तान में भी "The Pride of India" कहा जाता है. उन्होंने कहा, 'अगर दुश्मन भी किसी रेजीमेंट को 'प्राइड ऑफ इंडिया' कहे, तो समझिए उस रेजीमेंट में सचमुच कुछ खास है.'

बख्तरबंद युद्ध के विशेषज्ञ हैं धीरज सेठ

जीडी बक्शी ने कहा कि जनरल धीरज सेठ को बख्तरबंद (Armoured) युद्ध का करीब चार दशक का अनुभव है. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में अधिकांश आर्मी चीफ इन्फैंट्री से आते रहे हैं, लेकिन यह कोई अनिवार्य नियम नहीं है. इससे पहले भी Armoured Corps के अधिकारी सेना प्रमुख बन चुके हैं और जनरल सेठ इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे.

सेना प्रमुख के लिए सबसे जरूरी क्या?

बक्शी के अनुसार, एक सेना प्रमुख सिर्फ ऑपरेशन नहीं संभालता, बल्कि सेना का मनोबल बनाए रखना, आधुनिक हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, रणनीतिक योजना बनाना और आत्मनिर्भरता की दिशा में फैसले लेना भी उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है. उन्होंने कहा कि जनरल धीरज सेठ के पास यह सभी गुण मौजूद हैं, इसलिए वह भारतीय सेना का प्रभावी नेतृत्व करने में सक्षम होंगे.

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