Exclusive: कहानी तिहाड़ में बंद गैंगस्टर की, करीब 70 मामलों में आरोपी, करवा चौथ पर जेल से पत्नी को करता था Video कॉल
तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सत्ते की कहानी जानिए. करीब 70 आपराधिक मामलों से जुड़े आरोपों और करवाचौथ पर पत्नी को वीडियो कॉल करने के कथित किस्से ने खड़े किए सवाल.
दिल्ली की तिहाड़ जेल को देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है. यहां कैदियों की हर गतिविधि पर निगरानी रखने की हाईटेक और वीवीआईपी व्यवस्था है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जेल की ऊंची दीवारों और कड़ी सुरक्षा के बीच बंद कोई गैंगस्टर करवाचौथ के दिन अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करे और उसके साथ त्योहार मनाए? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन जेल के भीतर पैसे और रसूख के कथित इस्तेमाल से जुड़ा यह किस्सा बेहद चौंकाने वाला है. जिद्दी जेलर के नाम से चर्चित अजय भाटिया ने स्टेट मिरर के एडिटर क्राइम एंड इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान के साथ खास बातचीत में इस घटना का जिक्र किया.
भाटिया ने बताया कि कई साल पहले तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के एक गैंगस्टर ने करवाचौथ के दिन स्मार्टफोन के जरिए अपनी पत्नी से वीडियो कॉल की थी. गैंगस्टर का नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उसके कॉल का रिकॉर्ड आज भी अस्तित्व में है. उसने पैसे और पहुंच के दम पर जेल के भीतर स्मार्टफोन का इंतजाम किया और पत्नी के साथ करवाचौथ मनाया.
करवाचौथ पर जेल के भीतर पैसों के खेल की कहानी क्या?
इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू गैंगस्टर का स्मार्टफोन के प्रति लगाव बताया जाता है. अजय भाटिया के मुताबिक, वह भूखा रह सकता था, लेकिन स्मार्टफोन के बिना रहना उसके लिए मुश्किल था. करवाचौथ के दिन पत्नी से वीडियो कॉल पर बात करने की घटना को इसी लगाव से जोड़कर बताया गया.
हालांकि, इस घटना के संबंध में वीडियो कॉल का स्वतंत्र प्रमाण या आधिकारिक जांच का विवरण यहां उपलब्ध नहीं है. इसलिए इसे संबंधित व्यक्ति के बयान में सामने आया किस्सा मानकर ही देखा जाना चाहिए. अगर जेल के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल फोन का इस्तेमाल हुआ था, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में सेंध और कथित मिलीभगत का गंभीर सवाल है.
कौन था जेल से करवाचौथ मनाने वाला गैंगस्टर?
दिल्ली का वो गैंगस्टर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र का रहने वाला है. बचपन में दिल्ली आने के बाद उसने कथित तौर पर पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और कम उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रख दिया.
रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी शुरुआत पॉकेटमारी, चोरी और झपटमारी जैसी वारदातों से हुई. बाद में उसका नाम दिल्ली-एनसीआर और दूसरे राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों से जुड़ने लगा. उस पर हत्या, लूटपाट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई.
उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 70 तक के आंकड़े बताए गए हैं. इन संख्याओं में अंतर को देखते हुए सभी मामलों में आरोप सिद्ध होना नहीं माना जा सकता.
रोहित चौधरी गैंग और सोनू चिकना हत्याकांड
गैंगस्टर का नाम रोहित चौधरी गैंग से भी जोड़ा गया. उसे इस गिरोह का शार्प शूटर बताया गया. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में सोनू उर्फ चिकना की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था. इस घटना के बाद पुलिस की नजर उस पर और उसके कथित नेटवर्क पर और सख्त हुई. हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में आरोप, गिरफ्तारी और अदालत में दोष सिद्ध होना अलग-अलग बातें हैं.
तिहाड़ जेल के अधिकारी की हत्या की साजिश का आरोप क्यों?
अगस्त 2021 में सत्ते एक और गंभीर मामले को लेकर चर्चा में आया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर अंकित गुर्जर की 4 अगस्त 2021 को हुई मौत के बाद जेल के एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट को निशाना बनाने की कथित साजिश सामने आई थी.
इस मामले में एक फोन ऑडियो वायरल होने की बात कही गई थी. आरोप था कि अधिकारी की हत्या के लिए AK-47 राइफल का इंतजाम करने की योजना बनाई जा रही थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 अगस्त 2021 को सत्ते को चिराग दिल्ली इलाके से गिरफ्तार किया था. इससे पहले आरोप गैंगस्टर 16 जुलाई 2021 को तीन महीने की अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था. बाद में कथित साजिश के मामले में उसकी दोबारा गिरफ्तारी हुई.
क्या गैंगस्टर ने की थी दो शादी? एक हिंदू और एक मुस्लिम
गैंगस्टर की निजी जिंदगी भी मीडिया रिपोर्टों में चर्चा का विषय रही है. रिपोर्टों में उसकी दो पत्नियों के नाम जबीना और नेहा बताए गए हैं. कुछ रिपोर्टों में दोनों के अलग-अलग धार्मिक समुदायों से होने का दावा भी किया गया है. बताया जाता है कि 2009 में ग्रीन पार्क इलाके में गोलीबारी के बाद गिरफ्तारी के समय जबीना ने मीडिया के सामने आकर सत्ते को निर्दोष बताया था और कानूनी मदद की मांग की थी.
वहीं, 2015 के सोनू चिकना हत्याकांड के संदर्भ में नेहा का नाम भी सामने आया. उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित गिरोह से संबंधों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
तिहाड़ की सुरक्षा पर क्यों उठते हैं सवाल?
करवाचौथ पर पत्नी से वीडियो कॉल करने का यह कथित किस्सा केवल एक गैंगस्टर की निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. इसका बड़ा सवाल यह है कि अगर जेल के भीतर स्मार्टफोन जैसे प्रतिबंधित उपकरण तक किसी कैदी की पहुंच हो सकती है, तो उसके पीछे कौन-सी व्यवस्था या संभावित चूक जिम्मेदार है?
तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों पर निगरानी और प्रतिबंधित सामान की पहुंच रोकने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं. ऐसे में पैसे और रसूख के दम पर नियमों को दरकिनार करने के दावे गंभीर जांच की मांग करते हैं.
करवाचौथ पर पत्नी से वीडियो कॉल का यह किस्सा आखिरकार जेल के भीतर कथित पैसों के खेल, रसूख और सुरक्षा व्यवस्था की उन कमजोरियों पर सवाल खड़ा करता है, जिनकी सच्चाई सामने लाने के लिए ठोस सबूत और आधिकारिक जांच जरूरी हैं.




