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डिटेन नहीं, किडनैप किया...नॉर्थ कोरिया जैसे हालात, रिहाई के बाद ध्रुव राठी के गंभीर आरोप, बताया पुलिस ने क्या-क्या किया

CJP प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए यूट्यूबर ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पुलिस उन्हें घर से उठाकर ले गई, फोन छीने गए और वकील से बात नहीं करने दी.

डिटेन नहीं, किडनैप किया...नॉर्थ कोरिया जैसे हालात, रिहाई के बाद ध्रुव राठी के गंभीर आरोप, बताया पुलिस ने क्या-क्या किया
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बीते रोज CJP के प्रदर्शन से पहले ध्रुव राठी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. इसके बाद अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिया गया. आज सभी को रिहा कर दिया गया है. इसके बाद ध्रुव राठी ने एक वीडियो जारी कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि एक तरह से किडनैप किया गया था.

ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में सुबह-सुबह पुलिस की कार्रवाई का जिक्र किया और बताया कि कैसे पुलिस उनके घर में घुस गई और उन्हें उठाकर ले गई. ध्रुव राठी ने इस कार्रवाई की तुलना नॉर्थ कोरिया से की. उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो उन्हें वारंट दिखाया और न ही यह बताया कि किस धारा के तहत उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है.

ध्रुव राठी ने क्या कहा?

ध्रुव राठी ने कहा, “मैं एक भारतीय नागरिक हूं और भारतीय ही रहूंगा.” उन्होंने अपना पासपोर्ट दिखाते हुए कहा कि जो लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि वह विदेशी नागरिक हैं और प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, वे सरासर झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और उन्हें भी उतने ही अधिकार मिले हैं, जितने किसी आम नागरिक को होते हैं.

हिरासत में लिए जाने के बारे में क्या बताया?

ध्रुव राठी ने कहा कि 10 अक्टूबर की सुबह वह अपने बेडरूम में सो रहे थे. उनकी मां ने सुबह दरवाजा खोला तो वहां कई लोग सादे कपड़ों में घूम रहे थे. अचानक करीब 20 लोग घर के अंदर घुस आए और उनकी मां को धक्का दिया. इस दौरान उनकी मां चीखने लगीं. इसके बाद पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए और चारों तरफ फैल गए.

राठी के मुताबिक, जब वह सो रहे थे, तभी ये लोग उनके कमरे में घुस आए और उन्हें उठाकर ले गए. उन्होंने कहा कि वह इसे किडनैप इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अगर उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने पर हिरासत में लिया जाता, तो पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल पर हिरासत में ले सकती थी. वहीं, अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता, तो पुलिसकर्मी वर्दी में आते, उनके पास पहचान पत्र होता और वे वारंट व संबंधित धाराओं की जानकारी देते.

उन्होंने आगे कहा कि अगर पुलिसकर्मी इस तरह से कार्रवाई करते, तो वह आराम से उनके साथ चले जाते. लेकिन उनके मुताबिक, उन्हें सोते समय घर से उठाकर ले जाया गया. उस वक्त घर में उनकी मां, पिता और वह खुद मौजूद थे. राठी ने दावा किया कि बाद में उन्हें पता चला कि उनके घर के बाहर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिन्हें उन्होंने 'गुंडे' कहा.

ध्रुव राठी ने पुलिस से क्या सवाल पूछे?

ध्रुव राठी ने बताया कि जब पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे, तो उन्होंने उनसे पूछा कि वे कौन हैं और उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया जा रहा है. उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उन्हें कुछ भी बोलने का मौका नहीं दिया और सीधे घसीटकर ले गए, जैसे किसी अपराधी को ले जाया जाता है. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्हें चोटें भी आईं और उन्हें चप्पल पहनने तक का मौका नहीं दिया गया. इसके बाद उन्हें उठाकर जीप में बैठा दिया गया.

क्या ध्रुव राठी और उनके परिवार के फोन छीने गए?

ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनका फोन छीन लिया गया. इसके साथ ही उनके माता-पिता के फोन भी ले लिए गए. उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस से वकील से बात करने और फोन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई.

राठी के मुताबिक, उन्हें करीब 20 घंटे तक हिरासत में रखा गया. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान पुलिसकर्मी उनसे कहते रहे कि यह कोई हिरासत नहीं है और उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह जल्द छूट जाएंगे.

ध्रुव राठी ने कहा कि वह इस पूरी कार्रवाई के लिए 'किडनैप' शब्द का इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें न तो किसी वकील से बात करने दी गई और न ही अपनी बात रखने का उचित मौका मिला.

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होता है कि देशहित में आवाज उठाने वाले एक आम नागरिक को उसके घर में घुसकर उठा लिया जाए?

पीएम मोदी पर क्या बोले ध्रुव राठी?

ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके शासन में देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने इसे 'अनऑफिशियल इमरजेंसी' बताया.

राठी ने कहा कि बाद में उन्हें खबर मिली कि सौरव दास, अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका को भी इसी तरह विमान से हिरासत में लिया गया. उन्होंने दावा किया कि करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था. राठी के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं आपातकाल और नॉर्थ कोरिया में देखने को मिलती हैं और अब भारत में भी ऐसा हो रहा है.

ध्रुव राठी ने अपने समर्थकों से क्या कहा?

ध्रुव राठी ने कहा कि कुछ लोग उनकी हिरासत पर खुशी जता रहे थे. उन्होंने ऐसे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो उनके साथ हो रहा है, वह कल किसी और के साथ भी हो सकता है.

उन्होंने दावा किया कि फिलहाल उनकी हालत ठीक है, लेकिन उनके आसपास करीब 15 लोगों को तैनात किया गया है. राठी ने इसे 'अनऑफिशियल हाउस अरेस्ट' बताया.

उन्होंने कहा, “आप जितना लोगों को दबाओगे, उतनी तेज लोगों की आवाज निकलेगी.” उन्होंने आगे कहा कि तानाशाही में तानाशाह का अंत भी अच्छा नहीं होता.

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