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कांग्रेस ने नक्शे में जम्मू-कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा! सियासी उठापटक शुरू

Congress Banners India's Map: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) महात्मा गांधी की अध्यक्षता में 1924 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन के शताब्दी समारोह के अवसर पर 26 और 27 दिसंबर को बेलगावी में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर रही है.

कांग्रेस ने नक्शे में जम्मू-कश्मीर को दिखाया पाकिस्तान का हिस्सा! सियासी उठापटक शुरू
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सचिन सिंह
Edited By: सचिन सिंह3 Mins Read

Updated on: 26 Dec 2024 11:49 AM IST

Congress Banners India's Map: कांग्रेस में बेलगावी में 1924 के कांग्रेस अधिवेशन के शताब्दी समारोह की तैयारी चल रही है. इस बीच कांग्रेस ने जो फ्लेक्स और बैनर लगाए हैं, इसमें पार्टी ने भारत के जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा दिया है. इस शर्मसार घटना के बाद सियासी उठापटक भी शुरू हो गई है.

बेलगावी शहर के एंट्री गेट पर लगाए गए बैनरों और फ्लेक्सों में भारत का गलत मैप दिखाया गया है. इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) और अक्साई चिन क्षेत्र के कुछ हिस्से बैनरों और वेलकम बोर्डों से गायब दिख रहा है. मैप में इसे दुश्मन देश का हिस्सा दिखाया गया है.

शताब्दी समारोह की थी तैयारी

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) 26 और 27 दिसंबर को बेलगावी में महात्मा गांधी की अध्यक्षता में हुए 1924 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन के शताब्दी समारोह के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कर रही है. यह महात्मा गांधी की अध्यक्षता में हुआ एकमात्र कांग्रेस अधिवेशन था. इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल होंगी.

बीजेपी ने साधा निशाना

बीजेपी ने भारत के नक्शे को गलत तरीके से दिखाने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा है. बीजेपी के पूर्व विधायक संजय पाटिल ने कहा कि यह कांग्रेस की असली मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 को हटाने का समर्थन नहीं किया.' बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है. यह फिर से भारत को तोड़ना चाहती है.'

कांग्रेस की सफाई

इस बीच कांग्रेस ने यह तर्क देकर खुद को अलग कर लिया कि ये पार्टी के आधिकारिक बैनर नहीं हैं. कांग्रेस एमएलसी नागराज यादव ने तर्क दिया, 'ये कांग्रेस के आधिकारिक बैनर नहीं हैं, इन्हें कुछ समर्थकों ने लगाया है. अगर कुछ शुभचिंतक या समर्थक नेताओं के स्वागत में बैनर लगाते हैं तो वे सरकार की बात को भरोसे में नहीं लेते.'

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