Begin typing your search...

CBSE में अब 2 नहीं, पढ़नी होंगी 3 भाषाएं! लेकिन क्या है R1, R2 और R3 का पूरा खेल; 10 अहम सवालों के जवाब

CBSE ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की अधिसूचना जारी की है. जानें 1 जुलाई 2026 से क्या बदलने वाला है, R1-R2-R3 का मतलब क्या है और विदेशी भाषाओं को लेकर नए नियम क्या हैं.

CBSE में अब 2 नहीं, पढ़नी होंगी 3 भाषाएं! लेकिन क्या है R1, R2 और R3 का पूरा खेल; 10 अहम सवालों के जवाब
X
( Image Source:  X-@ANI )

CBSE Three Language Formula: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू होगी, जिसके तहत छात्रों के लिए तीन अलग-अलग भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया जाएगा. यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCFSE) 2023 के तहत बहुभाषावाद और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है.

नई नीति के अनुसार, छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है. CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि विदेशी भाषाओं को भारतीय भाषाओं के विकल्प के रूप में नहीं चुना जा सकेगा. हालांकि, तीसरी भाषा यानी R3 के लिए कक्षा 10 में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी और इसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा. इस फैसले को लेकर शिक्षा और राजनीति दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है, खासकर उन राज्यों में जहां पहले से दो-भाषा नीति लागू है.

सीबीएसई 3 भाषाओं के नियम से जुड़े हर सवाल का जवाब

तीन-भाषा फॉर्मूला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू की गई व्यवस्था है, जिसमें छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है.

CBSE के अनुसार यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा.

नई व्यवस्था सबसे पहले कक्षा 9 के छात्रों पर लागू की जाएगी.

R1 पहली भाषा होती है, जो आमतौर पर पढ़ाई का मुख्य माध्यम होती है. R2 दूसरी भारतीय भाषा होती है और R3 तीसरी भाषा होती है, जो R1 और R2 दोनों से अलग होगी.

हां, पहले जहां कई छात्र केवल दो भाषाएं पढ़ते थे, अब उन्हें तीसरी भाषा भी चुननी होगी.

नहीं, तीन भाषाओं में केवल एक विदेशी भाषा की अनुमति होगी. बाकी दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होना जरूरी हैं.

नहीं, CBSE ने स्पष्ट किया है कि R3 भाषा के लिए कक्षा 10 में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी.

R3 भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर आंतरिक परीक्षा के जरिए किया जाएगा और इसके अंक CBSE प्रमाणपत्र में दर्ज होंगे.

नहीं, छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन तीन-भाषा ढांचे में केवल एक विदेशी भाषा की अनुमति होगी.

तमिलनाडु जैसे राज्यों ने लंबे समय से तीन-भाषा फॉर्मूला का विरोध किया है. राज्य का कहना है कि यह हिंदी थोपने की कोशिश हो सकती है, इसलिए वहां लंबे समय से केवल तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा नीति लागू है.

अगला लेख