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Asian Games में मुकाबले से ठीक पहले हुए बेहोश, कौन हैं भारत के MMA फाइटर वरुण सान्याल, आखिर क्यों किए गए डिस्क्वालिफाई?

Asian Games 2026 में मुकाबले से पहले सॉना में भारतीय MMA फाइटर वरुण सान्याल बेहोश हो गए. जानें उनके साथ क्या हुआ, मेडिकल जांच में क्या सामने आया और उनका Asian Games सफर क्यों खत्म हो गया?

Asian Games में मुकाबले से ठीक पहले हुए बेहोश, कौन हैं भारत के MMA फाइटर वरुण सान्याल, आखिर क्यों किए गए डिस्क्वालिफाई?
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समी सिद्दीकी
Edited By:समी सिद्दीकी5 Mins Read

Updated on: 20 Sept 2026 2:04 PM IST

भारतीय MMA फाइटर वरुण सान्याल का 2026 एशियन गेम्स अभियान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से खत्म हो गया. 20 सितंबर, रविवार को पुरुषों के 77 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले से ठीक पहले वरुण को अधिकारियों ने मेडिकल जांच के बाद खेलने के लिए अनफिट घोषित कर दिया. बताया गया कि वजन कम करने की कोशिश के दौरान वह सॉना में बेहोश हो गए थे.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में वरुण के शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन की बात सामने आई. Revsportz की रिपोर्ट के अनुसार, वरुण अपने साथी भारतीय MMA फाइटर सुचिका तारियान की मदद कर रहे थे. इसके बाद वह वजन कम करने के लिए सॉना गए, जहां करीब रात 1 बजे वह बेहोश हो गए. एक नेपाली एथलीट ने उन्हें देखा और डॉक्टर के पास पहुंचाने में मदद की.

डॉक्टर्स ने क्या कहा?

वरुण की हालत की जानकारी मिलने के बाद MMA India के अध्यक्ष निखिल कुंदर समेत भारतीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी मदद की. हालांकि, डॉक्टर ने जांच के बाद वरुण को मेडिकल रूप से मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया. इसके चलते वह एशियन गेम्स में होने वाले अपने निर्धारित मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके.

एशियन गेम्स में आने के बाद क्या झेलनी पड़ी परेशानी?

वरुण का एशियन गेम्स अभियान शुरू होने से पहले ही काफी मुश्किलों से भरा रहा था. वह लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया पहुंचे थे. इसके बाद एशियन गेम्स में कई खिलाड़ियों के सामने आई रहने की व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों का उन्हें भी सामना करना पड़ा.

द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित उनके एक अनुभव के मुताबिक, उनकी accreditation यानी मान्यता से जुड़ी जानकारी सिस्टम में रजिस्टर नहीं हो पाई थी. इसके कारण वह 10 घंटे से ज्यादा समय तक अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे. बाद में उन्हें एक कमरा मिला, लेकिन वहां भी एक और समस्या सामने आई. दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी उसी कमरे पर अपना दावा किया था.

‘मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका था’

वरुण ने बताया था कि जब आखिरकार उन्हें सोने का मौका मिला, तब तक उनका शरीर पूरी तरह थक चुका था. उन्होंने कहा था, “जब मैं बिस्तर पर गिरा, तब मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका था.”

कॉम्बैट स्पोर्ट्स एथलीट के लिए वजन कम करना कितना मुश्किल?

एक कॉम्बैट स्पोर्ट्स एथलीट होने के कारण वरुण के सामने वजन कम करने और मुकाबले से पहले अपनी डाइट को नियंत्रित रखने की अतिरिक्त चुनौती भी थी. उन्हें एशियन गेम्स में पुरुषों की पारंपरिक 77 किलोग्राम MMA कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करना था. हालांकि, वह प्रतियोगिता के मैदान में उतरने से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गए.

कौन हैं वरुण सान्याल?

वरुण सान्याल ने Queen Mary University of London से बिजनेस मैनेजमेंट ऑनर्स में फर्स्ट क्लास डिग्री हासिल की है. वह एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसकी बौद्धिक और सार्वजनिक सेवा से जुड़ी पृष्ठभूमि रही है. वरुण, जाने-माने अर्थशास्त्री, लेखक और प्रधानमंत्री की Economic Advisory Council के सदस्य संजीव सान्याल और स्मिता बरुआ के बेटे हैं.

उनके परिवार का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से भी संबंध रहा है. उनके परदादा के भाई सचिंद्रनाथ सान्याल प्रमुख क्रांतिकारी थे और Hindustan Republican Association के सह-संस्थापकों में शामिल थे.

कई खेलों से होते हुए MMA तक पहुंचे...

वरुण का MMA तक पहुंचने का सफर भी अलग रहा है. सिंगापुर में बड़े होने के दौरान उन्होंने क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, स्क्वैश और पावरलिफ्टिंग जैसे कई खेलों में हिस्सा लिया. इसके बाद उन्होंने कुश्ती, जिउ-जित्सु और मुआय थाई की ट्रेनिंग ली और आखिरकार MMA को अपना खेल बनाया.

वरुण ने अपने पिता के बारे में बताया था कि बचपन से ही उनके पिता उन्हें खेलों के लिए प्रोत्साहित करते थे. वह उनके साथ फुटबॉल खेलने जाते थे, स्क्वैश खेलते थे और कभी-कभी साथ दौड़ने भी जाते थे. कम उम्र में उन्हें ताइक्वांडो की क्लास में भी भेजा गया था, हालांकि उस समय उनकी इसमें खास दिलचस्पी नहीं थी. बाद में क्रिकेट खेलने, जिम जाने और पावरलिफ्टिंग करने के दौरान भी उनके पिता ने उनका लगातार समर्थन किया.

इस तरह वरुण का एशियन गेम्स अभियान उस समय खत्म हो गया, जब वह 77 किलोग्राम वर्ग के मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार थे. सॉना में बेहोश होने और मेडिकल रूप से अनफिट घोषित किए जाने के कारण वह प्रतियोगिता में उतर ही नहीं सके.

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