19 साल का Ayan Ahmed कैसे नाबालिग लड़कियों को बनाता था निशाना, ओवैसी की पार्टी को लेकर दावे में क्या? पढ़ें Top Updates
महाराष्ट्र के अमरावती जिले में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले में आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. पुलिस कार्रवाई के साथ उसके घर पर बुलडोजर चलाया गया है. आरोपी पर POCSO Act, 2012 और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज है.
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा (अचलपुर) में सामने आया लड़कियों के यौन शोषण का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि पूरे राज्य को झकझोर देने वाला बड़ा खुलासा बन चुका है. नाबालिग लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाना और फिर उन्हें वायरल करना. इस पूरे खेल ने कानून व्यवस्था और समाज दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है आइए इस खबर डिटेल में जानते हैं इस मामले पर अब तक क्या हुआ है खुलासे में क्या-क्या हो रहा है?
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब सामने आया कि आरोपी सिर्फ शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि इस गंदे नेटवर्क के जरिए पैसे कमाने का भी खेल चल रहा था. अब पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है. पुलिस कार्रवाई के साथ उसके घर पर बुलडोजर चलाया गया है. आरोपी पर POCSO Act, 2012 और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज है.
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लड़कियों को कैसे जाल में फंसाता था आरोपी?
अयान अहमद नाबालिग लड़कियों को अपने झूठे रुतबे और चमक-दमक के जाल में फंसाता था. वह महंगी कारों में घूमकर और आलीशान लाइफस्टाइल दिखाकर खुद को प्रभावशाली साबित करता था. दरअसल, ये गाड़ियां उसके पिता के पुराने कारों के कारोबार से आती थीं, जिनका वह दिखावे के लिए इस्तेमाल करता था. इसके बाद वह सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों से संपर्क करता, उन्हें भरोसे में लेकर ‘प्रेम जाल’ में फंसाता और फिर उनका शोषण करता. आरोपी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने लगा था और इसी जरिए उन्हें दबाव में रखता था.
क्या है परतवाड़ा सेक्स स्कैंडल और कैसे हुआ खुलासा?
परतवाड़ा में सामने आया यह मामला बेहद संगीन है, जिसमें आरोपियों ने नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाकर उनके अश्लील वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर वायरल किए. जांच में खुलासा हुआ है कि अब तक 8 नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के 18 वीडियो और 39 तस्वीरें जारी की जा चुकी हैं. वहीं दावा किया जा रहा है कि आरोपी ने 180 लड़कियों को निशाना बनाया है 300 से अधिक वीडियो भी है. यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित परिवारों ने पुलिस से संपर्क किया. शुरुआती स्तर पर लापरवाही के आरोप भी लगे, जिसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया. इस मामले में दावा किया जा रहा है कि ये जो आरोपी हैं इनका ओवैसी की पार्टी AIMIM से कनेक्शन हैं हालाँकि स्टेट मिरर हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है.
SIT का गठन क्यों किया गया और इसमें कौन-कौन शामिल है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने SIT का गठन किया है.
SIT की खास बातें-
- कुल 11 अधिकारी और 40 कर्मचारी शामिल
- 2 महिला अधिकारी
- 1 साइबर एक्सपर्ट
- 1 क्राइम स्पेशलिस्ट
टीम की कमान सहायक पुलिस अधीक्षक शुभम कुमार के हाथ में. पुलिस का कहना है कि जांच तेज गति से होगी और हर एंगल को खंगाला जाएगा.
अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
मामले में अब तक पुलिस ने कई अहम कदम उठाए हैं:
- 4 आरोपियों की गिरफ्तारी
- 2 और आरोपियों की तलाश जारी
- 5 मोबाइल फोन जब्त
- डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू
आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई. महिला अधिकारियों के जरिए पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन जारी
कौन है अयान अहमद तनवीर?
मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर (उर्फ मोहम्मद अयाज) परतवाड़ा का रहने वाला 19 वर्षीय युवक है.
उम्र: 19 साल
काम: कोई स्थायी काम नहीं
पारिवारिक बैकग्राउंड: पिता पुरानी कारों का कारोबार करते हैं
लाइफस्टाइल: महंगी गाड़ियों में घूमना, सोशल मीडिया पर एक्टिव
कोचिंग क्लास से लड़कियों के नंबर जुटाना
WhatsApp और Snapchat के जरिए संपर्क
प्रेम जाल में फंसाना
मुंबई-पुणे ले जाकर शोषण
अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल
क्या इस मामले में ड्रग और पोर्न रैकेट का लिंक है?
बीजेपी सांसद अनिल बोंडे ने दावा किया है कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा ड्रग और पोर्नोग्राफी नेटवर्क काम कर रहा है. उनके अनुसार वीडियो बेचकर पैसे कमाए जा रहे थे. लड़कों को इस काम की ट्रेनिंग दी जा रही थी. यह एक संगठित गिरोह हो सकता है. हालांकि पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है.
क्या पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं?
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं. एक पीड़िता के परिवार ने 2.5 महीने पहले शिकायत की थी. आरोप है कि थानेदार और कर्मचारी ने समझौता करा दिया. अब संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग उठ रही है
POCSO Act के तहत क्या सजा हो सकती है?
आरोपियों के खिलाफ POCSO Act, 2012 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है. आजीवन कारावास से लेकर गंभीर मामलों में मृत्युदंड तक. साथ ही पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है. यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है. शिवसेना की महिला पदाधिकारी National Commission for Women (NCW) से मुलाकात करने जा रही हैं, कांग्रेस ने गहन जांच की मांग उठाई है, जबकि मुस्लिम संगठनों ने भी दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है.
इसके अलावा अल्पसंख्यक आयोग ने अपनी जांच टीम भेजने का ऐलान किया है. वहीं पुलिस ने पीड़ितों के लिए भरोसा जताते हुए महिला अधिकारियों के संपर्क नंबर जारी किए हैं, पूरी गोपनीयता की गारंटी दी है और काउंसलिंग व सपोर्ट सिस्टम भी तैयार किया है, ताकि अधिक से अधिक पीड़ित सामने आ सकें.




