22 साल का इंजीनियर, सोनीपत से क्यों पहुंचा इंदौर... टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार 11वां आरोपी कौन?
एक्टर टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में लगातार जांच और गिरफ्तारियां जारी है. अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर से एक 22 साल के इंजीनियर ग्रेजुएड को गिरफ्तार को किया है, जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है.
Tiger Shroff shooting case
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े जुहू शूटिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. जांच एजेंसियों ने मध्य प्रदेश के इंदौर से 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरान को गिरफ्तार किया है. मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने परदेसीपुरा इलाके में यह कार्रवाई की. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है. जांच एजेंसियां प्रांजल ठाकरान की भूमिका को लेकर कई पहलुओं पर पड़ताल कर रही हैं.
शुरुआती जांच के मुताबिक, उस पर शूटरों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने, बातचीत संभालने और जरूरी संसाधनों का तालमेल बनाने में मदद करने का संदेह है. सूत्रों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कुछ मददगारों के संपर्क में था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की योजना बनाने, उसे अंजाम देने और आरोपियों को भागने में मदद पहुंचाने के लिए नेटवर्क के भीतर किस तरह तालमेल किया गया.
कौन है 11वां आरोपी?
हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला प्रांजल ठाकरान इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है. बताया जा रहा है कि वह अपने पैरालाइज्ड भाई का इलाज कराने के बहाने पांच दिन पहले इंदौर पहुंचा था. जांचकर्ताओं को शक है कि टाइगर श्रॉफ के घर के पास हुई गोलीबारी की घटना में शामिल शूटरों को मदद पहुंचाने और उनके नेटवर्क के संचालन में उसकी अहम भूमिका थी. हालांकि, उसकी कथित भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है.
सोनीपत के कितने आरोपी?
इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से सात हरियाणा के सोनीपत जिले के बताए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही हैं. अधिकारियों को संदेह है कि सोनीपत से जुड़े लोगों का एक नेटवर्क बड़े आपराधिक अभियानों के लिए हथियार, निगरानी से जुड़ी जानकारी और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने में शामिल हो सकता है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपसी संपर्क, उनकी भूमिका और कथित सिंडिकेट के दूसरे सदस्यों की पहचान करने में जुटी है. जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि शूटरों तक हथियार और अन्य संसाधन किस रास्ते से पहुंचे.
सूरत में हुई छापेमारी में क्या मिला?
प्रांजल ठाकरान की गिरफ्तारी से करीब 24 घंटे पहले मुंबई क्राइम ब्रांच ने गुजरात के सूरत में एक गुप्त ठिकाने पर छापा मारा था. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को दो हथियार और 10 जिंदा कारतूस मिले थे. जांचकर्ताओं को शक है कि बरामद हथियारों का संबंध मुंबई में हुई गोलीबारी के लिए हथियार जुटाने की प्लानिंग से हो सकता है. जब्त हथियारों और कारतूसों को फॉरेंसिक तथा बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया है.
पुलिस जतिन नाम के एक अन्य आरोपी से भी पूछताछ कर रही है. उस पर आरोप है कि वह अलग-अलग राज्यों के बीच हथियारों की आवाजाही और देने की व्यवस्था देखता था. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार कहां से खरीदे गए, उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों ने मदद की.




