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100-200-500 करोड़... बड़े पर्दे पर कमाई बताती कितनी हिट है फिल्म, OTT पर सक्सेस का पैमाना क्या, पंचायत से लेकर मिर्जापुर तक क्यों सुपरहिट?

थिएटर में किसी फिल्म की सफलता बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से आसानी से समझी जाती है, लेकिन OTT पर कहानी थोड़ी अलग है. यहां फिल्म या सीरीज हिट हुई या नहीं, यह सिर्फ व्यूज से तय नहीं होता. यहां कुछ मुख्य पॉइंट हैं Watch Time, Completion Rate, Accounts Reached आदि. सोशल मीडिया चर्चा जैसे कई पैमानों से इसकी सफलता का अंदाजा लगाया जाता है.

100-200-500 करोड़... बड़े पर्दे पर कमाई बताती कितनी हिट है फिल्म, OTT पर सक्सेस का पैमाना क्या, पंचायत से लेकर मिर्जापुर तक क्यों सुपरहिट?
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आज के समय में किसी फिल्म या सीरीज की सफलता सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि उसने सिनेमाघरों में कितने करोड़ रुपये कमाए. OTT प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव ने फिल्मों और सीरीज की सफलता को मापने का तरीका भी बदल दिया है. थिएटर में फिल्म की कमाई का सबसे बड़ा आधार टिकट बिक्री और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन होता है, जबकि OTT पर वव्यूइंग हार्स, वॉच टाइम, व्यूअरशिप, रिटेंशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और सोशल मीडिया पर चर्चा जैसे कई आंकड़े देखे जाते हैं.

Netflix, Prime Video, JioHotstar जैसे प्लेटफॉर्म पर कोई फिल्म या सीरीज कितनी चली, इसे समझने के लिए कई अलग-अलग डिजिटल मैट्रिक्स का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि OTT पर किसी कंटेंट के हिट होने का पैमाना थिएटर से काफी अलग है. आइए पॉइंट्स में समझते हैं पूरा गणित.

OTT पर किसी फिल्म या सीरीज की लोकप्रियता को समझने के लिए ‘धुरंधर’, ‘हनुमान अंश’, ‘पंचायत’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे चर्चित कंटेंट का उदाहरण लिया जा सकता है. इन फिल्मों और सीरीज को दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया, लंबे समय तक बनी चर्चा और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के कारण व्यापक पहचान मिली. खासकर ‘पंचायत’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे शो की लोकप्रियता रिलीज के बाद भी लंबे समय तक बनी रही. ऐसे कंटेंट यह समझने में मदद करते हैं कि OTT पर सफलता सिर्फ शुरुआती व्यूज से नहीं, बल्कि दर्शकों के जुड़ाव, लगातार देखे जाने और Word of Mouth से भी जुड़ी होती है.

OTT पर सबसे पहले क्या देखा जाता है?

OTT प्लेटफॉर्म पर किसी फिल्म या सीरीज की सफलता का सबसे बड़ा आधार Viewership Matrix यानी दर्शकों से जुड़े आंकड़े होते हैं. इसमें सबसे पहले यह देखा जाता है कि कंटेंट को कितने लोगों ने देखा और कितनी देर तक देखा.

Viewing Hours यानी कुल कितने घंटे देखा गया

Viewing Hours OTT पर सबसे अहम आंकड़ों में से एक है. इसका मतलब है कि किसी फिल्म या सीरीज को दर्शकों ने कुल कितने घंटे देखा. अगर किसी सीरीज को बड़ी संख्या में दर्शक लंबे समय तक देखते हैं, तो उसका Viewing Hours बढ़ता है. जैसे Netflix अपनी लोकप्रिय फिल्मों और सीरीज की Top 10 लिस्ट में Viewing Hours जैसे आंकड़ों का इस्तेमाल करता है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई कंटेंट दर्शकों के बीच कितना देखा जा रहा है.

लेकिन सिर्फ व्यूज ज्यादा होना ही पूरी कहानी नहीं बताता. यह भी देखना जरूरी है कि दर्शक कंटेंट को कितना आगे तक देख रहे हैं.

Completion Rate यानी कितने लोगों ने पूरी सीरीज देखी?

OTT पर Completion Rate का मतलब है कि किसी फिल्म या सीरीज को शुरू करने वाले दर्शकों में से कितने लोगों ने उसे आखिर तक देखा. मान लीजिए 100 लोगों ने किसी सीरीज का पहला एपिसोड शुरू किया. अब उनमें से कितने लोग आखिरी एपिसोड तक पहुंचे, इससे पता चलता है कि दर्शक कहानी के साथ कितने जुड़े रहे.

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी सीरीज का पहला एपिसोड देखकर उसे छोड़ देना और पूरी सीरीज खत्म करना दो अलग-अलग बातें हैं. कई बार किसी शो को शुरुआत में बहुत व्यूज मिलते हैं, लेकिन अगर बड़ी संख्या में दर्शक बीच में ही उसे छोड़ दें, तो उसकी वास्तविक पकड़ का अंदाजा Completion Rate से बेहतर लगाया जा सकता है. यही वजह है कि OTT की सफलता को केवल शुरुआती Views के आधार पर तय करना सही नहीं माना जाता.

Accounts Reached यानी कितने यूनिक अकाउंट तक पहुंची सीरीज?

OTT प्लेटफॉर्म्स यह भी देखते हैं कि किसी फिल्म या सीरीज को कितने अलग-अलग अकाउंट्स ने देखा. इसे Accounts Reached के तौर पर समझा जा सकता है. कई प्लेटफॉर्म शुरुआती 7 या 28 दिनों में यह आंकड़ा ट्रैक करते हैं कि कितने यूनिक अकाउंट्स ने कंटेंट को देखा. कुछ मामलों में किसी कंटेंट को देखने की न्यूनतम अवधि को भी मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इससे प्लेटफॉर्म को यह समझने में मदद मिलती है कि कंटेंट कितने अलग-अलग दर्शकों तक पहुंचा है और उसकी वास्तविक डिजिटल पहुंच कितनी है.

कैसे पता चलता है कि OTT पर कोई फिल्म या सीरीज हिट हुई?

OTT पर किसी कंटेंट को हिट बताने के लिए सिर्फ एक आंकड़ा देखना सही तरीका नहीं है. Viewing Hours और Accounts Reached से पता चलता है कि कितने लोगों तक कंटेंट पहुंचा. Completion Rate और Binge-Watching बताते हैं कि दर्शक कहानी के साथ कितने जुड़े. Subscriber Acquisition से नए यूजर्स पर असर समझ आता है, जबकि Retention और Churn से पता चलता है कि कंटेंट ने पुराने दर्शकों को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने में कितनी भूमिका निभाई.

IMDb रेटिंग और यूजर रिव्यू भी है जरूरी

OTT पर हर महीने बड़ी संख्या में नई फिल्में और सीरीज रिलीज होती हैं. ऐसे में दर्शकों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर क्या देखा जाए. यहां IMDb जैसी वेबसाइट की रेटिंग और यूजर रिव्यू मददगार साबित होते हैं.

IMDb पर मिलने वाली रेटिंग दर्शकों की प्रतिक्रिया का एक संकेत है. उदाहरण के लिए, 10 में से 8 या उससे ऊपर की रेटिंग को आम तौर पर दर्शकों की मजबूत प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है. लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि IMDb की कोई तय रेटिंग किसी फिल्म या सीरीज को आधिकारिक तौर पर 'हिट' घोषित नहीं करती.

रेटिंग के साथ Votes की संख्या भी मायने रखती है. अगर किसी फिल्म या सीरीज को बहुत ज्यादा लोगों ने रेट किया है, तो उसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाने में यह आंकड़ा मदद कर सकता है.

उदाहरण के लिए 8 की रेटिंग के साथ 500 वोट और 8 की रेटिंग के साथ 1 लाख वोट- दोनों को एक जैसा नहीं देखा जा सकता. ज्यादा संख्या में वोट मिलने से पता चलता है कि ज्यादा दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की है.

वहीं फिल्म का बात करें तो किसी फिल्म के हिट या फ्लॉप होने का मुख्य पैमाना उसका कुल बजट और बॉक्स ऑफिस पर हुई कुल कमाई (नेट कलेक्शन) के बीच का गणित होता है. फिल्म का बजट तय करने में दो मुख्य बातें शामिल होती हैं:लैंडिंग कॉस्ट: इसमें कलाकारों (एक्टर्स) की फीस, क्रू, और शूटिंग व सेट के खर्चे आते हैं और दूसरा प्रमोशन और विज्ञापन: फिल्म की मार्केटिंग और प्रचार पर खर्च होने वाली रकम.

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