कौन हैं दिलीप संघवी, जिनकी Sun Pharma के शेयर छू रहे आसमान, इस US कंपनी को खरीदने के लिए की सबसे बड़ी डील
Dilip Shanghvi भारत के जाने-माने फार्मा उद्योगपति और Sun Pharmaceutical Industries के संस्थापक हैं. उन्होंने 1983 में सिर्फ ₹10,000 से कंपनी शुरू की और आज इसे ग्लोबल दिग्गज बना दिया. हाल ही में उन्होंने अमेरिकी कंपनी Organon & Co. को खरीदने का ऐलान किया, जिसे भारतीय फार्मा सेक्टर की सबसे बड़ी विदेशी डील माना जा रहा है.
भारत के फार्मा सेक्टर में आज अगर किसी एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो है दिलीप संघवी. वजह साफ है. उनकी कंपनी सन फार्मा ने अमेरिकी दिग्गज Organon & Co. को खरीदने का ऐलान किया है, जिसे भारतीय फार्मा इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी डील माना जा रहा है. इस खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में सन फार्मा के शेयर उछल पड़े और कंपनी फिर सुर्खियों में आ गई.
छोटे से कर्ज से खड़ा किया अरबों का साम्राज्य
दिलीप सांघवी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. 1 अक्टूबर 1955 को गुजरात के अमरेली में जन्मे सांघवी ने 1983 में सिर्फ 10,000 रुपये उधार लेकर सन फार्मा की शुरुआत की थी. उस वक्त कंपनी कुछ सीमित दवाओं तक ही सिमटी हुई थी, लेकिन उनकी सोच बड़ी थी और वही सोच आज उन्हें दुनिया के टॉप फार्मा उद्योगपतियों में खड़ा करती है.
अधिग्रहण के मास्टर, जोखिम लेने में माहिर
संघवी की असली ताकत उनकी “एक्विजिशन स्ट्रैटेजी” रही है. वे उन कंपनियों को खरीदते हैं, जो या तो कमजोर स्थिति में होती हैं या जिनमें छिपी हुई संभावनाएं होती हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण Ranbaxy Laboratories का अधिग्रहण रहा, जिसने सन फार्मा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी. अब Organon & Co. की डील के साथ उन्होंने फिर साबित कर दिया है कि सही समय पर बड़ा दांव कैसे खेला जाता है.
Organon डील क्यों है गेमचेंजर?
इस डील के जरिए सन फार्मा को 150 से ज्यादा देशों में फैला नेटवर्क मिलेगा. साथ ही, Organon के पॉपुलर प्रोडक्ट्स जैसे Nexplanon और NuvaRing सीधे उनके पोर्टफोलियो में जुड़ जाएंगे. यह सिर्फ एक कंपनी खरीदना नहीं, बल्कि नए मार्केट, नई टेक्नोलॉजी और खासकर महिला स्वास्थ्य और बायोसिमिलर सेगमेंट में बड़ी एंट्री है.
शेयर क्यों भाग रहे हैं?
जैसे ही डील की खबर आई, निवेशकों का भरोसा बढ़ गया. बाजार को लग रहा है कि यह अधिग्रहण सन फार्मा को ग्लोबल टॉप कंपनियों की लिस्ट में और ऊपर ले जाएगा. इसी भरोसे का असर शेयर प्राइस में दिखा, जो 7% से ज्यादा उछल गया.
लेकिन क्या जोखिम भी है?
इतनी बड़ी डील के लिए कंपनी को भारी कर्ज लेना पड़ेगा. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर कर्ज सही समय पर मैनेज नहीं हुआ, तो दबाव बन सकता है. हालांकि, कंपनी मैनेजमेंट का दावा है कि मजबूत कैश फ्लो के दम पर कर्ज तेजी से कम किया जाएगा.
सादगी में रहने वाला अरबपति
दिलीप संघवी अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते हैं. वे लाइमलाइट से दूर रहते हैं, कम बोलते हैं और सिर्फ काम पर फोकस करते हैं. यही वजह है कि 2016 में भारत सरकार ने उन्हें Padma Shri से सम्मानित किया. कोलकाता के छोटे से दवा कारोबार से शुरू हुआ सफर आज ग्लोबल बोर्डरूम तक पहुंच चुका है. Organon डील को कई एक्सपर्ट्स उनका अब तक का सबसे बड़ा और बोल्ड कदम मान रहे हैं.




