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सिर्फ सेविंग नहीं, स्मार्ट इन्वेस्टमेंट करिए - हर महीने 7000 निवेश कर पा सकते हैं 40 लाख से ज्‍यादा का रिटर्न

महंगाई के दौर में सिर्फ पैसे बचाना पर्याप्त नहीं. नियमित SIP निवेश और स्टेप-अप प्लान से आप 15 साल में करोड़ों का फंड तैयार कर सकते हैं.

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( Image Source:  Sora AI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Updated on: 25 Jan 2026 7:10 AM IST

आज की महंगाई में पैसा बचाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे बढ़ाना भी उतना ही जरूरी हो गया है. पेट्रोल से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक, हर चीज की कीमत जिस रफ्तार से ऊपर जा रही है, उसमें सबसे बड़ा सवाल यही है - भविष्य के लिए ऐसा फंड कैसे बनाया जाए जो सुरक्षित भी हो और मजबूत भी?

अक्सर लोगों को लगता है कि बड़ा फंड बनाने के लिए लाखों रुपये चाहिए, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है. असल ताकत बड़े अमाउंट में नहीं, बल्कि नियमित और लंबे समय तक किए गए छोटे निवेश में छिपी होती है. यही वजह है कि SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को मिडिल क्लास की “फाइनेंशियल रीढ़” कहा जाता है.

अगर कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ ₹7,000 निवेश करता है, तो वही रकम समय के साथ एक बड़ा फाइनेंशियल पहाड़ बन सकती है.

क्यों 2026 से शुरुआत करना समझदारी होगी?

नया साल सिर्फ कैलेंडर नहीं बदलता, बल्कि नई फाइनेंशियल प्लानिंग का मौका भी देता है. अगर कोई व्यक्ति जनवरी 2026 से SIP शुरू करता है और उसे लंबे समय तक जारी रखता है, तो उसे चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलता है. कंपाउंडिंग का नियम सीधा है - पैसा सिर्फ आपके लगाए गए अमाउंट पर नहीं, बल्कि उस पर बने ब्याज पर भी बढ़ता है. शुरुआती सालों में यह ग्रोथ मामूली दिखती है, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, पैसा तेजी से छलांग लगाने लगता है.

15 साल में कितना बन सकता है ₹7,000 की SIP से?

मान लीजिए आपने जनवरी 2026 से हर महीने ₹7,000 म्यूचुअल फंड SIP में डालना शुरू किया.

  • निवेश अवधि: 15 साल (180 महीने)
  • अनुमानित रिटर्न: 15% सालाना
  • हिसाब-किताब कुछ ऐसा बनेगा:
  • कुल निवेश: ₹12,60,000
  • अनुमानित फंड वैल्यू: करीब ₹43 लाख
  • केवल ब्याज से कमाई: लगभग ₹30 लाख

यानी आपने जेब से डाले करीब साढ़े 12 लाख और सिस्टम ने आपको बदले में लगभग 43 लाख लौटा दिए. यही वजह है कि SIP को “धीमी शुरुआत, तेज़ मंज़िल” वाला इन्वेस्टमेंट कहा जाता है.

अगर रिटर्न 15% न मिले तो?

अब सवाल उठता है - क्या हर साल 15% मिलना तय है?

जवाब है: नहीं.

म्यूचुअल फंड शेयर बाजार से जुड़े होते हैं, इसलिए रिटर्न की गारंटी नहीं होती. लेकिन अगर औसतन 12% रिटर्न भी मिला, तब भी तस्वीर कमजोर नहीं होती.

12% रिटर्न पर अनुमान:

  • कुल निवेश: ₹12,60,000
  • अनुमानित फंड: करीब ₹33 लाख
  • ब्याज से कमाई: लगभग ₹20 लाख

मतलब कम रिटर्न में भी आप अपनी रकम से ढाई गुना ज्यादा पैसा बना सकते हैं.

SIP आम आदमी के लिए सबसे कारगर क्यों?

SIP की असली ताकत उसके तीन सिद्धांतों में छिपी है:

  • रुपया कॉस्ट एवरेजिंग : जब बाजार गिरता है तो ज्यादा यूनिट मिलती हैं और जब चढ़ता है तो कम. इससे निवेश का औसत भाव संतुलित रहता है और रिस्क घटता है.
  • अनुशासन : हर महीने तय तारीख को पैसा कट जाता है, जिससे निवेश आदत बन जाता है, बोझ नहीं.
  • लचीलापन (Flexibility) : जरूरत पड़े तो SIP की रकम घटा सकते हैं, बढ़ा सकते हैं या अस्थायी रूप से रोक भी सकते हैं.

असली खेल स्टेप-अप SIP में है

अगर आप हर साल अपनी SIP को सिर्फ 5-10% बढ़ा दें, तो फंड और भी बड़ा बन सकता है. इसे स्टेप-अप SIP कहते हैं. उदाहरण के लिए पहले साल ₹7,000, दूसरे साल ₹7,700, तीसरे साल ₹8,470. इस तरीके से आपका निवेश महंगाई से आगे निकलने की ताकत पा जाता है.

निवेश करते समय इन 3 बातों को नजरअंदाज न करें

  • धैर्य सबसे बड़ा हथियार है - बीच में पैसा निकालना कंपाउंडिंग को तोड़ देता है.
  • सही फंड चुनें - हर फंड हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होता. रिस्क प्रोफाइल के अनुसार चुनाव करें.
  • महंगाई को ध्यान में रखें : आज का ₹40 लाख, 15 साल बाद उतना ताकतवर नहीं रहेगा - इसलिए समय-समय पर निवेश बढ़ाना जरूरी है.

आज का छोटा फैसला, कल की बड़ी राहत

₹7,000 की SIP कोई जादू नहीं है, लेकिन यह धीरे-धीरे यह बच्चों की पढ़ाई का फंड, रिटायरमेंट का सहारा और घर या बिजनेस का सपना बन सकती है. महंगाई को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उससे लड़ने की तैयारी आज की जा सकती है.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है. म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं. निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.

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