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मोबाइल रिचार्ज पर ‘साइलेंट हाइक’! ₹299 का प्लान ₹349 हुआ, सस्ते प्लान गायब! आखिर किन कंपनियों ने की बढ़ोतरी और क्या है वजह?

मोबाइल रिचार्ज पर ‘साइलेंट हाइक’ से ग्राहकों की जेब पर बढ़ा बोझ. जानिए Airtel ने कौन से सस्ते प्लान बंद किए, Jio Prime Membership क्या है और आने वाले महीनों में रिचार्ज कितने महंगे हो सकते हैं.

मोबाइल रिचार्ज पर ‘साइलेंट हाइक’! ₹299 का प्लान ₹349 हुआ, सस्ते प्लान गायब! आखिर किन कंपनियों ने की बढ़ोतरी और क्या है वजह?
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भारत में मोबाइल रिचार्ज एक बार फिर महंगे होने की ओर बढ़ रहे हैं. इस बार कंपनियों ने सीधे तौर पर सभी प्लान की कीमतें बढ़ाने के बजाय कुछ पुराने प्लान बंद कर और नए महंगे प्लान पेश करके कीमतों में बढ़ोतरी की है. इसी वजह से कई ग्राहकों को अभी तक इस ‘साइलेंट टैरिफ हाइक’ का पता नहीं चला है. कुछ मामलों में प्रीपेड रिचार्ज 16% तक महंगे हो गए हैं.

देश के टेलीकॉम बाजार में फिलहाल तीन बड़ी निजी कंपनियां Jio, Airtel और Vodafone Idea हैं. इनके अलावा सरकारी कंपनी BSNL भी मोबाइल सेवाएं देती है. 12 अगस्त 2026 को Airtel ने ₹249, ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले पांच प्रीपेड प्लान बंद कर दिए. इनकी जगह जो प्लान उपलब्ध हैं, उनकी कीमत 5% से 16% तक ज्यादा है.

एयरटेल ने कैसे बढ़ाए दाम?

उदाहरण के लिए, Airtel का ₹299 वाला प्लान 28 दिनों के लिए रोजाना 1.5GB डेटा देता था. अब इस कैटेगरी में ₹349 का प्लान उपलब्ध है, जिसमें 28 दिनों के लिए रोजाना 2GB डेटा मिलता है. यानी इस मामले में कीमत करीब 16% बढ़ गई है.

जियो ने क्या अपनाया तरीका?

Jio ने फिलहाल कोई प्लान बंद नहीं किया है. कंपनी ने इसके बजाय Jio Prime Membership शुरू की है. इसके तहत ग्राहक ₹300 देकर अपने मौजूदा प्लान की कीमत को एक साल के लिए लॉक कर सकते हैं. यानी अगर उस प्लान की कीमत आगे बढ़ती है तो Prime Membership लेने वाले ग्राहक सदस्यता की अवधि के दौरान पुरानी कीमत पर अपना प्लान इस्तेमाल कर सकेंगे.

एनालिस्ट फर्म Avendus Spark के मुताबिक, अगर ₹300 की सदस्यता फीस को 12 महीनों में बांटकर देखा जाए तो ₹299 वाले प्लान के हिसाब से यह प्रभावी तौर पर करीब 8% की बढ़ोतरी के बराबर बैठती है. वहीं Vodafone Idea और BSNL ने हाल में किसी मौजूदा प्लान को बंद नहीं किया है. इन कंपनियों ने इसके बजाय कुछ नए एंट्री-लेवल प्लान पेश किए हैं.

क्या फिर बढ़ेंगे दाम?

कई रिसर्च फर्मों का अनुमान है कि अगली बड़ी प्रीपेड टैरिफ बढ़ोतरी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच हो सकती है. Centrum Institutional Research के मुताबिक, Jio, Airtel और Vodafone Idea अगले 3-4 महीनों में प्रीपेड टैरिफ में 15% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं.

वहीं Axis Capital के Executive Director गौरव मल्होत्रा ने अगले 3 से 6 महीनों में 10-12% तक की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 28 दिनों के लिए कुल 2GB डेटा देने वाला ₹199 का प्लान आगे चलकर ₹219 के प्लान से बदला जा सकता है. इस नए प्लान में कुल 3GB डेटा मिलने की बात कही गई है.

इससे पहले कई कंपनियों ने जुलाई 2026 में टैरिफ में 20% तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था. हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच कंपनियों ने जून में इस बढ़ोतरी को टाल दिया था.

Jio Prime से ग्राहकों को कितना फायदा?

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का अनुमान है कि Jio अगले छह महीनों के भीतर अपने टैरिफ बढ़ा सकता है. Jio Prime Membership की फीस ₹300 सालाना है. यानी ग्राहक के हिसाब से इसका खर्च करीब ₹25 प्रति महीने बैठता है. अब Prime Membership ग्राहक के लिए फायदेमंद होगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि Jio अपने प्लान की कीमत कब बढ़ाता है.

पहले कब-कब बढ़े मोबाइल रिचार्ज के दाम?

  • Reliance ने 5 सितंबर 2016 को Jio लॉन्च किया था. शुरुआत में कंपनी ने मुफ्त डेटा, वॉयस कॉल और रोमिंग की सुविधा दी थी. यह ऑफर 31 दिसंबर 2017 तक जारी रहा.
  • Jio की एंट्री से भारत का टेलीकॉम बाजार पूरी तरह बदल गया. दूसरी कंपनियों को मुकाबला करने के लिए कीमतें कम करनी पड़ीं. Airtel ने कुछ डेटा टैरिफ में 80% तक और Idea ने कुछ प्लान में 67% तक की कटौती की.
  • Jio के आने से पहले भारत में 1GB मोबाइल डेटा की कीमत करीब ₹225 थी. 2018-19 तक इसकी औसत कीमत घटकर करीब ₹7.7 रह गई. इसके बाद भारत दुनिया के सबसे सस्ते मोबाइल डेटा बाजारों में शामिल हो गया.
  • 3 दिसंबर 2019 से Airtel और Vodafone Idea ने टैरिफ में 41% तक की बढ़ोतरी की. इसके तीन दिन बाद 6 दिसंबर से Jio ने भी कीमतों में 40% तक की बढ़ोतरी की. Jio का 1.5GB रोजाना डेटा वाला प्लान ₹149 से बढ़कर ₹199 हो गया.
  • Airtel का 1.5GB रोजाना डेटा वाला प्लान ₹199 से बढ़कर ₹248 हो गया.
  • Vodafone Idea ने अपने 1.5GB रोजाना डेटा वाले प्लान की कीमत ₹229 से बढ़ाकर ₹249 कर दी.
  • इस बढ़ोतरी के बाद 1GB डेटा की औसत कीमत करीब ₹11 हो गई.
  • दिसंबर 2021 में टेलीकॉम कंपनियों ने टैरिफ में 20% तक की बढ़ोतरी की.
  • Airtel का 28 दिनों वाला 1.5GB रोजाना डेटा प्लान ₹249 से बढ़कर ₹299 हो गया.
  • Jio ने 1.5GB रोजाना डेटा वाले प्लान की कीमत ₹199 से बढ़ाकर ₹239 कर दी. वहीं 2GB रोजाना डेटा वाला प्लान ₹249 से बढ़कर ₹299 हो गया.
  • 1 जुलाई 2024 से Jio ने टैरिफ में 25% तक की बढ़ोतरी की. कंपनी का ₹299 वाला प्लान बढ़कर ₹349 हो गया.
  • Airtel और Vodafone Idea ने भी अपने टैरिफ बढ़ाए.
  • CRISIL के मुताबिक, तीनों कंपनियों ने औसतन 17-19% तक टैरिफ बढ़ाए थे.
  • इन बढ़ोतरी के बाद टेलीकॉम सेक्टर का ARPU यानी Average Revenue Per User बढ़ने लगा. अनुमान था कि यह 2024 में करीब ₹182 से बढ़कर 2026 तक ₹225-230 हो सकता है.
  • जुलाई 2024 के बाद पूरे उद्योग स्तर पर कोई औपचारिक टैरिफ बढ़ोतरी नहीं हुई है. लेकिन इसके बावजूद कुछ प्लान धीरे-धीरे महंगे होते रहे हैं.
  • अप्रैल 2026 में Airtel ने रोजाना 1.5GB डेटा वाले 84 दिन के प्लान की कीमत ₹859 से बढ़ाकर ₹899 कर दी थी. कंपनी ने ₹799 और ₹249 जैसे कुछ सस्ते एंट्री-लेवल प्लान भी बंद कर दिए थे.

आखिर टेलीकॉम कंपनियां बार-बार क्यों बढ़ा रही हैं कीमतें?

टेलीकॉम कंपनी एक ग्राहक से हर महीने औसतन जितना पैसा कमाती है, उसे Average Revenue Per User यानी ARPU कहा जाता है. इसे एक आसान उदाहरण से समझें. अगर कोई कंपनी 10 करोड़ ग्राहकों से हर महीने ₹2,000 करोड़ कमाती है तो उसका औसत मासिक ARPU ₹200 होगा. कंपनियां ARPU बढ़ाना चाहती हैं क्योंकि प्रति ग्राहक ज्यादा कमाई का मतलब कुल राजस्व में बढ़ोतरी है.

अगस्त 2025 में Airtel का ARPU ₹250, Jio का ₹209 और Vodafone Idea का ₹165 था. वहीं 2024-25 में पूरे सेक्टर का औसत ARPU ₹174.46 था. इसकी तुलना में अमेरिका की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों का ARPU करीब ₹4,300, यूरोप में करीब ₹1,000 और चीन में करीब ₹600 बताया जाता है. यानी इन बाजारों की तुलना में भारत में टेलीकॉम कंपनियों की प्रति ग्राहक कमाई अभी भी काफी कम है.

5G पर हुए बड़े खर्च की भरपाई

पिछले कुछ वर्षों में Jio और Airtel ने 5G स्पेक्ट्रम, नेटवर्क उपकरण और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों रुपये खर्च किए हैं. जून 2026 तक भारत में करीब 4.6 लाख 5G बेस स्टेशन थे. इनकी पहुंच देश के करीब 99% जिलों और लगभग 80% आबादी तक बताई गई है. Outlook Business की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Jio ने अपने 5G नेटवर्क पर करीब ₹2 लाख करोड़ और Airtel ने करीब ₹1.5 लाख करोड़ खर्च किए हैं. अभी तक दोनों कंपनियों ने बड़े पैमाने पर 5G के लिए अलग से कोई प्रीमियम चार्ज नहीं लिया है.

लेकिन जैसे-जैसे 5G इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, कंपनियां अपने बड़े निवेश की भरपाई के लिए आगे टैरिफ बढ़ा सकती हैं या प्रीमियम सेवाएं शुरू कर सक ती हैं.

कर्ज और सरकार का बकाया चुकाना

टेलीकॉम कंपनियों पर सरकार का भी बकाया है. इसमें Adjusted Gross Revenue यानी AGR से जुड़ा बकाया शामिल है.

इस मामले में Vodafone Idea पर सबसे ज्यादा दबाव है. सरकार ने उसके AGR बकाये को करीब ₹64,046 करोड़ पर तय किया है. कंपनी को यह रकम 2032 से 2041 के बीच चुकानी है. इन देनदारियों को पूरा करने और कंपनी का कैश फ्लो बनाए रखने के लिए ज्यादा राजस्व हासिल करना जरूरी होगा.

कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि Vodafone Idea को अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को संभालने के लिए 2027 से 2030 के बीच टैरिफ में 45% तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है. AGR विवाद से टेलीकॉम कंपनियों को पहले भी बड़ा नुकसान हुआ है. 2019 में सुप्रीम कोर्ट के AGR बकाये पर फैसले के बाद Vodafone Idea को एक तिमाही में ₹50,922 करोड़ का रिकॉर्ड घाटा हुआ था. वहीं Airtel को ₹23,044 करोड़ का नुकसान हुआ था.

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