Pakistan में Petrol पर सियासी गेम, पहले 137 रुपये बढ़ाए फिर 80 घटाए, अब वाहवाही लूट रहे शहबाज शरीफ
पाकिस्तान सरकार ने पहले पेट्रोल के 137 रुपये दाम बढ़ाए और फिर 80 रुपये घटा दिए. इसके बाद शहबाज शरीफ देश को संबोधित करते हुए वाहवाही लूटने लगे.
Pakistan Petrol Price Down: पाकिस्तान सरकार ने पहले पेट्रोल के 137 रुपये दाम बढ़ाए और फिर 80 रुपये कम कर दिए. ये फैसला जनता के गुस्से और प्रोटेस्ट के बाद लिया गया है. शहबाज शरीफ अब इस फैसले की पूरी वाहवाही लूट रहे हैं. 80 रुपये घटाने के बाद पेट्रोल की कीमत 378 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
रात में राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि संघीय कैबिनेट के सभी सदस्य अगले छह महीने तक अपनी सैलरी नहीं लेंगे, ताकि सख्ती के उपाय लागू किए जा सकें. बीते रोज पाक सरकार ने जब तेल की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया तो यह बढ़कर 458 प्रति लीटर हो गई थीं.
क्या बोले शहबाज शरीफ?
ईरान पर चल रहे अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच ईंधन की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी पर सफाई देते हुए प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि हालात सामान्य होने पर कीमतें फिर पहले जैसी हो सकती हैं. उन्होंने कहा, “पेट्रोल की कीमत 458 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी. इसके असर को कम करने के लिए मैंने पेट्रोलियम लेवी में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती का फैसला किया, जिससे कीमत घटकर 378 रुपये हो गई.”.
पाकिस्तान सरकार ने कितने बढ़ाए थे दाम?
पाक सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 137.23 रुपये प्रति लीटर (42.7 प्रतिशत) की बढ़ोतरी कर इसे 458.41 रुपये कर दिया था, जबकि हाई-स्पीड डीजल की कीमत 184.49 रुपये प्रति लीटर (55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये कर दी गई थी. इसके अलावा केरोसीन की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई.
पाकिस्तान सरकार ने क्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट किया फ्री?
सरकार ने कहा कि ट्रेन किराए नहीं बढ़ाए जाएंगे, सड़क टैक्स नहीं बढ़ेगा और इस्लामाबाद, पंजाब और सिंध में सार्वजनिक बस सेवाएं मुफ्त दी जाएंगी. इससे पहले सिंध और पंजाब सरकारों ने भी बढ़ती ईंधन कीमतों के असर को कम करने के लिए बड़े राहत पैकेज घोषित किए, जिनमें नकद सब्सिडी, किसानों और ट्रांसपोर्टरों के लिए मदद और शहरों के अंदर मुफ्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट शामिल है.
पाकिस्तान में क्यों बढ़ी तेल की कीमत?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी वैश्विक तेल कीमतों और क्षेत्रीय तनाव, खासकर ईरान संघर्ष की वजह से हुई है. पाकिस्तान बाहर से आने वाले ईंधन पर निर्भर है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि पहले सरकार ने सामान्य सब्सिडी देने की कोशिश की थी, लेकिन इससे खपत और वित्तीय बोझ बढ़ गया. अब अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की सलाह पर लक्षित सब्सिडी दी जा रही है.