PAK में ईद के दिन खूनी खेल! कितना खूंखार था Bilal Arif Salafi, लश्कर के गढ़ में घुसकर गोलियों और चाकू किसने पहुंचाया जहन्नुम?

पाकिस्तान के मुरीदके में ईद की नमाज के ठीक बाद हुई एक सनसनीखेज हत्या ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अंदरूनी हालात पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. संगठन के कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी को उसके ही गढ़ में गोली मारकर और चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया.

( Image Source:  @LearnerAtul- X )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 21 March 2026 11:02 PM IST

पाकिस्तान के मुरीदके में ईद की नमाज के ठीक बाद हुई एक सनसनीखेज हत्या ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अंदरूनी हालात पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. संगठन के कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी को उसके ही गढ़ में गोली मारकर और चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया. हालांकि इस वारदात को किसने अंजाम दिया है अभी तक कुछ साफ नहीं हो पाया है.

घटना के वक्त कई बड़े आतंकी चेहरे मौजूद थे, जिससे यह साफ इशारा मिल रहा है कि यह हमला बेहद सुनियोजित था. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हत्या के पीछे आतंकी संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और सत्ता संघर्ष को वजह माना जा रहा है.

कैसे हुआ हमला और क्या था पूरा घटनाक्रम?

ईद-उल-फितर की नमाज खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद यह हमला हुआ. जैसे ही सलाफी नमाज स्थल से बाहर निकला, एक हमलावर ने उसे नजदीक से गोली मारी, जबकि एक महिला ने उस पर कई बार चाकू से वार किए.

क्यों खास थी यह लोकेशन?

यह हमला मरकज़ तैयबा परिसर में हुआ, जो लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख मुख्यालय माना जाता है. यह वही जगह है जहां भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सटीक एयर स्ट्राइक की थी.

कौन था बिलाल आरिफ सलाफी?

सलाफी कोई साधारण सदस्य नहीं था, बल्कि 2005 से लश्कर से जुड़ा हुआ एक अहम चेहरा था. वह संगठन के लिए फंडिंग और भर्ती का काम करता था और युवाओं को 'कश्मीर जिहाद' के नाम पर कट्टरपंथ की ओर धकेलता था. घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें सलाफी खून से लथपथ जमीन पर पड़ा नजर आ रहा है. हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चश्मदीदों ने बताया कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी.

हमले के पीछे क्या वजह हो सकती है?

अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है. लेकिन शुरुआती कयास यही हैं कि यह हमला आतंकी संगठन के भीतर चल रही सत्ता की लड़ाई और गुटबाजी का नतीजा हो सकता है. अब तक पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस हमले के पीछे की वजह पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. इस चुप्पी ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है.

कितना खूंखार था Bilal Arif Salafi? जानिए 7 खौफनाक सच

आतंकी नेटवर्क का अहम चेहरा

Bilal Arif Salafi कोई साधारण आतंकी नहीं था, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के बड़े ऑपरेशन्स में उसकी सीधी भूमिका मानी जाती थी. संगठन के अंदर उसकी पकड़ मजबूत थी और फैसलों में उसकी राय मायने रखती थी.

भर्ती और ब्रेनवॉशिंग का मास्टरमाइंड

उसका सबसे खतरनाक काम था युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना. वह नए लड़कों को “जिहाद” के नाम पर तैयार करता और उन्हें वैचारिक रूप से प्रभावित करता था.

फंडिंग का बड़ा खिलाड़ी

Salafi फंड जुटाने में भी अहम भूमिका निभाता था. कहा जाता है कि उसके जरिए जुटाए गए पैसों से हथियार खरीदे जाते थे और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता था.

2005 से सक्रिय, लंबा आतंकी करियर

वह 2005 से लश्कर के साथ जुड़ा हुआ था, यानी करीब दो दशक तक आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहा. यह लंबा अनुभव उसे संगठन में और खतरनाक बनाता था.

टॉप कमांडरों के बीच खास पहचान

वह मुरिदके स्थित मार्कज तैयबा में वरिष्ठ आतंकियों के साथ रहता था, जो उसकी ऊंची स्थिति को दर्शाता है. यह जगह लश्कर का सबसे बड़ा गढ़ मानी जाती है.

भीड़ के बीच भी निशाना बना- खौफ का संकेत

ईद की नमाज के तुरंत बाद, सैकड़ों लोगों के बीच उसकी हत्या हुई. इसका मतलब है कि दुश्मन भी उसे बेहद खतरनाक और प्रभावशाली मानते थे.

अंदरूनी गैंगवार का शिकार?

उसकी हत्या के पीछे आतंकी संगठन के अंदर की लड़ाई को वजह माना जा रहा है. यानी इतना खौफनाक आतंकी भी अपने ही नेटवर्क की साजिश से बच नहीं सका.

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