झारखंड के गोड्डा स्थित अदानी पावर के थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन प्रभावित होने के बाद बांग्लादेश की राजनीति में इसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता रुहुल कबीर रिजवी ने गोड्डा प्लांट की बिजली कटौती को प्रधानमंत्री तारिक रहमान के BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली नहीं जाने के फैसले से जोड़ते हुए भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक गोड्डा प्लांट में बिजली कट होने की वजह तकनीकी खराबी बताई गई थी.

गोड्डा पावर प्लांट की एक इकाई 10 सितंबर की देर रात बॉयलर में खराबी आने के बाद बंद हो गई थी. इसके चलते बांग्लादेश को मिलने वाली बिजली की आपूर्ति में बड़ी कमी आई. 13 सितंबर को खराबी दूर होने के बाद यूनिट को दोबारा ग्रिड से जोड़ दिया गया. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब बांग्लादेश पहले से ही करीब 2,500 मेगावाट बिजली की कमी का सामना कर रहा था और कई इलाकों में रोजाना कई घंटे बिजली कटौती की जा रही थी.

बिजली कटौती पर क्या बोले BNP नेता?

ढाका के जातीय प्रेस क्लब के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में रुहुल कबीर रिजवी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने के फैसले के बाद गोड्डा प्लांट में बिजली कटौती हुई. 'द डेली स्टार' और 'द फाइनेंशियल एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक रिजवी ने भारत पर बांग्लादेश के खिलाफ षड्यंत्र का जाल बुनने का आरोप लगाया. रिजवी ने कहा कि तारिक रहमान का नई दिल्ली न जाने का फैसला बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखने से जुड़ा था.

रिजवी ने गोड्डा प्लांट की बिजली कटौती का जिक्र करते हुए कहा, "उसने (तारिक) न जाने का फैसला किया और अगले दिन उसे बंद कर दिया गया. इसके पीछे क्या कारण था? क्या इसे समझने के लिए बार परीक्षा पास करना ज़रूरी है? क्या इसके लिए विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री चाहिए? हम समझते हैं कि क्या हुआ."

गोड्डा प्लांट से कितनी बिजली मिलती है?

बांग्लादेशी समाचार एजेंसी जागो न्यूज़ 24 के अनुसार, रिजवी ने कहा "यह बिजली संयंत्र बांग्लादेश को 1300 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करता है लेकिन इसका स्विच भारत के झारखंड में है. वे इसे किसी भी समय चालू या बंद कर सकते हैं." रिजवी का यह बयान गोड्डा प्लांट में तकनीकी खराबी के कुछ दिनों बाद आया.

BRICS सम्मेलन में क्यों नहीं गए तारिक रहमान?

तारिक रहमान के BRICS शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली नहीं जाने के फैसले को भी रिजवी ने बांग्लादेश की संप्रभुता से जोड़कर देखा. 'द फाइनेंशियल एक्सप्रेस' के मुताबिक, उन्होंने कहा "तारिक रहमान एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के प्रधानमंत्री हैं. आप उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में आमंत्रित करके उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे तटस्थ बैठे रहें. ऐसा नहीं हो सकता."