इन देशों को नकली कंडोम बेचने लगा चीन, यूरोप में करोड़ों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया- 7 Point में जानिए डिटेल
यूरोप में चीन से 'टॉय' बताकर भेजे गए नकली कंडोम का बड़ा खुलासा. जानिए OLAF की जांच में क्या मिला, क्यों बढ़ा संक्रमण और स्वास्थ्य जोखिम.
यूरोप में नकली कंडोम की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि चीन से भेजी गई नकली खेप को कस्टम जांच से बचाने के लिए 'टॉय' यानी खिलौनों के नाम पर निर्यात किया गया. जांच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों की गुणवत्ता की कोई वैज्ञानिक जांच नहीं हुई थी. ऐसे में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इनका इस्तेमाल लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. आइए जानते हैं इस पूरे मामले से जुड़े 7 बड़े तथ्य.
1. यूरोप के तीन देशों में पकड़ी गई नकली कंडोम की खेप
यूरोपीय संघ की धोखाधड़ी रोधी एजेंसी OLAF की जांच में रोमानिया, सर्बिया और स्पेन में बड़ी मात्रा में नकली कंडोम बरामद किए गए. अलग-अलग देशों से जब्त किए गए उत्पादों की जांच के बाद एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सभी खेप एक ही सप्लायर के जरिए भेजी गई थीं.
2. चीन से जुड़ा सप्लाई नेटवर्क आया सामने
जांच के दौरान यूरोपीय अधिकारियों ने चीन की एजेंसियों के सहयोग से निर्यात करने वाली कंपनी की पहचान कर ली. हालांकि सुरक्षा और कानूनी कारणों से संबंधित कंपनी और सप्लायर का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. एजेंसियां अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी हैं.
3. कस्टम को चकमा देने के लिए 'खिलौने' घोषित किया गया माल
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि निर्यात दस्तावेजों में इन कंडोम को मेडिकल उत्पाद की जगह 'टॉय' यानी खिलौना बताया गया था. माना जा रहा है कि ऐसा यूरोप में मेडिकल डिवाइस पर लागू सख्त नियमों और कस्टम जांच से बचने के लिए किया गया.
4. नामी ब्रांडों के लोगो का भी किया गया इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के अनुसार नकली उत्पादों पर कई प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के नाम और लोगो भी छापे गए थे, ताकि खरीदारों को असली उत्पाद का भ्रम हो. हालांकि किन-किन ब्रांडों का दुरुपयोग हुआ, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
5. जरूरी गुणवत्ता परीक्षणों के बिना बाजार में पहुंच रहे थे उत्पाद
यूरोप में किसी भी कंडोम को बेचने से पहले CE प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करना अनिवार्य होता है. लेकिन जब्त किए गए नकली उत्पादों में लीकेज टेस्ट, माइक्रोबियल जांच, बायोकम्पैटिबिलिटी, एक्सपायरी और स्थिरता जैसे कई अनिवार्य परीक्षण नहीं किए गए थे.
6. स्वास्थ्य के लिए क्यों माने जा रहे हैं खतरनाक?
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना गुणवत्ता जांच वाले कंडोम इस्तेमाल करने से यौन संचारित संक्रमण (STI) फैलने का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा अनचाही गर्भावस्था का जोखिम भी बढ़ जाता है. जांच एजेंसी ने यह भी आशंका जताई है कि इन उत्पादों में इस्तेमाल की गई सामग्री और रसायनों की सुरक्षा भी प्रमाणित नहीं थी.
7. करोड़ों रुपये की नकली खेप, जांच अभी जारी
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक जब्त किए गए नकली कंडोम की बाजार कीमत 2 लाख यूरो (करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक) आंकी गई है. फिलहाल यूरोपीय जांच एजेंसियां इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि यह फर्जी कारोबार किन-किन देशों तक फैला हुआ है.