एलन मस्क दे रहे तगड़ा जॉब ऑफर! CV नहीं, सिर्फ ‘Problem Solver’ चाहिए, सैलरी जानकर आप भी ललचा जाएंगे
एलन मस्क की AI कंपनी xAI ने पारंपरिक भर्ती को तोड़ते हुए ऐसी टीम बनाने का ऐलान किया है, जहां CV नहीं बल्कि Problem Solving स्किल देखी जाएगी. इस रोल में ₹2 करोड़ तक की सैलरी और इक्विटी ऑफर की जा रही है.;
एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI एक ऐसी खास टीम बना रही है, जो सीधे खुद मस्क को रिपोर्ट करेगी. इस टीम में शामिल होने वालों को सालाना 2.4 लाख डॉलर (करीब ₹2 करोड़) तक की सैलरी, साथ में इक्विटी और कई हाई-एंड सुविधाएं दी जाएंगी. यह खुलासा xAI की हालिया जॉब पोस्टिंग से हुआ है.
Entrepreneur की रिपोर्ट के अनुसार xAI इस टीम को “स्ट्राइक फोर्स” या “एलीट टैलेंट इंजीनियर यूनिट” कह रही है. इस यूनिट का एक ही मकसद है - दुनिया के सबसे बेहतरीन AI और इंजीनियरिंग टैलेंट को ढूंढना और xAI में लाना. खास बात यह है कि यह भूमिका पारंपरिक HR या रिक्रूटर जैसी नहीं है.
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह पारंपरिक सोच से अलग क्यों माने जाते हैं. इस हफ्ते मस्क ने एलान किया कि जो लोग टेस्ला के Dojo3 AI चिप प्रोजेक्ट पर काम करना चाहते हैं, वे रेज़्यूमे या लंबा कवर लेटर नहीं, बल्कि सिर्फ तीन बुलेट पॉइंट ईमेल करें - और उनमें यह बताएं कि उन्होंने अपने करियर में सबसे कठिन तकनीकी समस्याएं कैसे हल कीं. यह सीधा-सपाट तरीका मस्क की उस सोच को दिखाता है, जिसमें डिग्री, सजावटी CV या LinkedIn प्रोफाइल से ज्यादा अहमियत असली समस्या सुलझाने की क्षमता को दी जाती है.
‘नॉइज़’ से निकलने की कोशिश
टेक इंडस्ट्री की जानी-मानी रिक्रूटर और स्टार्टअप Twill की फाउंडर मिशेल वोलबर्ग के मुताबिक, “मस्क जॉब मार्केट के शोर को काटकर सीधे असली टैलेंट तक पहुंचना चाहते हैं.” उनका कहना है कि आजकल रेज़्यूमे इतने ज़्यादा टेलर किए जाते हैं कि असल में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उम्मीदवार की वास्तविक ताकत क्या है. ऐसे में अगर कोई उम्मीदवार अपनी तीन ‘जीती हुई लड़ाइयों’ यानी हल की गई कठिन समस्याओं को साफ-साफ बता दे, तो हायरिंग मैनेजर को उसकी काबिलियत तुरंत समझ आ जाती है.
AI दौर में बदलती भर्ती सोच
वोलबर्ग मानती हैं कि आने वाले समय में और कंपनियां इसी तरह की भर्ती प्रक्रिया अपनाएंगी. खासकर सिलिकॉन वैली में, जहां AI प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश हो रहा है और महामारी के बाद हायरिंग पर ब्रेक लगा है, वहां कंपनियां अब कम लेकिन बेहद सक्षम लोगों की तलाश में हैं. यही वजह है कि अब कई टेक कंपनियां उम्मीदवारों से सिर्फ सही जवाब नहीं, बल्कि यह भी जानना चाहती हैं कि वे उस समाधान तक पहुंचे कैसे. इसे इंडस्ट्री में एक तरह का “Show Your Work” कल्चर माना जा रहा है.
रेज़्यूमे से थक चुके हैं हायरिंग मैनेजर
वोलबर्ग के मुताबिक, बड़ी कंपनियों के कई हायरिंग मैनेजर यह खुलकर कह रहे हैं कि वे ओवर-पॉलिश्ड रेज़्यूमे देखकर थक चुके हैं. एलन मस्क का यह कदम एक बड़ा संकेत है कि डिग्री या फॉर्मेट से ज्यादा वैल्यू स्किल की है. जो मुश्किल हल कर सकता है, वही भविष्य की टेक कंपनियों का हीरो है. AI के इस दौर में मस्क की भर्ती नीति बताती है कि आने वाले समय में नौकरियां पाने के लिए कागज़ी चमक नहीं, दिमागी दम सबसे बड़ा हथियार होगा.
रिक्रूटर नहीं, पहले बिल्डर चाहिए
xAI साफ कहती है कि उसे ऐसे लोग चाहिए जो पहले इंजीनियर और क्रिएटर हों, नेटवर्कर बाद में. जॉब डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि उम्मीदवार के पास बचपन से ही कुछ “कूल प्रोडक्ट” बनाने का ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए. वह अंदर से एक “नर्डी इंजीनियर” हो, भले ही बाहर से लोगों को वह सोशल या फ्रेंडली लगे. इसके अलावा उम्मीदवार को “वाइब कोडिंग” में भी सहज होना चाहिए - यानी AI को निर्देश देकर ऐप्स और प्रोडक्ट बनवाने की क्षमता. मतलब साफ है: xAI ऐसे लोगों को चाहती है जो AI के साथ काम करना सिर्फ जानते ही न हों, बल्कि उसे अपनी ताकत बना चुके हों.
अरबों की फंडिंग, आक्रामक हायरिंग
xAI इस वक्त तेज़ी से विस्तार के दौर में है. हाल ही में कंपनी ने Series E फंडिंग राउंड में $20 बिलियन जुटाए हैं, जबकि लक्ष्य $15 बिलियन का था. इसके साथ ही xAI का वैल्यूएशन $230 बिलियन से ऊपर पहुंच गया है. AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच xAI का यह कदम बताता है कि एलन मस्क अब टैलेंट वॉर में सीधे उतर चुके हैं.
AI टैलेंट को लेकर जंग तेज
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां पहले से ही AI टैलेंट के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं. Meta ने हाल ही में AI स्टार्टअप Manus को 2 अरब डॉलर से ज्यादा में खरीदा. Google ने Windsurf और Character.AI के फाउंडर्स को जोड़ने के लिए अरबों डॉलर के सौदे किए. OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने दावा किया कि Meta ने कर्मचारियों को 100 मिलियन डॉलर तक के साइनिंग बोनस ऑफर किए.