Donald Trump Tariffs Policy: हाल ही में अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को गैरकानूनी बताया. ट्रंप जब से दोबारा सत्ता में आए हैं, उन्होंने कई देशों पर भारी टैक्स लगाया है, जिससे व्यापार और जनता पर असर पड़ रहा है. अब रविवार (31 अगस्त) को ट्रंप अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते नजर आए.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रुथ पर राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पोस्ट लिखा, जिसमें वह अदालत के फैसले और टैरिफ पर बात कर रहे हैं. बता दें कि रूस, चीन और भारत जैसे कई देश ट्रंप के इस रवैये से नाराज नजर आए. इतनी भारी मात्रा में टैरिफ लगाना व्यापार को कमजोर करता है.

ट्रंप का पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंम ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर ये टैरिफ हटाए गए, तो देश पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा और सैन्य शक्ति भी तत्काल नष्ट हो जाएगी. उन्होंने कहा, बिना टैरिफ के और उन सभी खरबों डॉलरों के जो हमने पहले हासिल कर लिए हैं, वापस करने पड़ेंगे. सब बर्बाद हो जाएंगे. बता दें कि 7-4 के मत से अदालत ने अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियों (IEEPA) के तहत ट्रम्प के टैक्स को अवैध करार दिया था.

ट्रम्प ने ओबामा द्वारा नियुक्त न्यायाधीश का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके पक्ष में वोट दिया, जिसे उन्होंने न्यायसंगत और देशभक्त बताया. ट्रम्प ने कोर्ट को रेडिकल लेफ्ट ग्रुप करार देते हुए इसकी निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया, लेकिन साथ ही कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में वह इस फैसले को पलटने की पूरी कोशिश करेंगे.

टैरिफ पर अदालत का फैसला

कोर्ट ने फैसला सुनाते कहा था कि ट्रेड डेफिसिट और बॉर्डर इश्यू राष्ट्रीय आपतकाल अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करना है. हालांकि फिलहाल टैरिफ लागू रहेंगे. ट्रंप सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं. हालांकि विरोध की वजह से ट्रंप पर टैरिफ नीति वापस लेने का दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी संसद में भी उनके टैरिफ का विरोध किया गया.

अदालत के फैसले में दो तरह के टैरिफ शामिल हैं. एक अप्रैल में लगाया गया व्यापार युद्ध और फरवरी 2025 नीति जिसका असर मैक्सिको पर हुआ. अमेरिका ने जुलाई तक टैरिफ से 150 अरब डॉलर जुटाए हैं. अगर सर्वोच्च अदालत टैरिफ को अवैध बताती है तो यह पैसा ट्रंप को संबंधित देश को लौटाना होगा. ऐसा हुआ तो अमेरिका पर आर्थिक तंगी देखने को मिल सकती है.