मीडिया की भूमिका, सत्ता और लोकतंत्र के रिश्ते को लेकर बहस लगातार तेज होती रही है. इसी मुद्दे पर Wg Cdr Anuma Acharya ने इंटरव्यू में मुख्यधारा की पत्रकारिता, मीडिया की स्वतंत्रता और राजनीतिक कवरेज को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिलती, जबकि सत्ता के पक्ष में रहने वाले बयानों को ज्यादा कवरेज मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मीडिया अपनी भूमिका स्वतंत्र तरीके से निभाए और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे, तो लोकतांत्रिक विमर्श मजबूत हो सकता है.