रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस सोढ़ी ने कहा कि ईरान-अमेरिका सीजफायर वार्ता पूरी तरह विफल नहीं है, क्योंकि 10 में से 7 बिंदुओं पर सहमति बन चुकी थी. उनका कहना है कि 1979 से चली आ रही दुश्मनी को देखते हुए पहले दौर में समझौते की उम्मीद करना मुश्किल था. सोढ़ी ने यह भी कहा कि अगर ईरान युद्ध में कमजोर होता तो समझौता तुरंत हो जाता.