दुनिया की बदलती राजनीति में अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल करेंसी भी अहम भूमिका निभा रही है, और पाकिस्तान इसी नए ट्रेंड को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए अमेरिका में अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. इस रणनीति के केंद्र में बिलाल बिन साकिब जैसे चेहरे हैं, जिन्होंने ग्लोबल क्रिप्टो लीडर्स और अमेरिकी राजनीतिक सर्किल से संबंध बनाकर पाकिस्तान की डिजिटल डिप्लोमेसी को नई दिशा दी है. इस पहल का असर आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर दिखने लगा है. अमेरिका द्वारा टैरिफ में राहत और कुछ संगठनों को आतंकी घोषित करना इसी कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है. पाकिस्तान में तेजी से बढ़ते क्रिप्टो यूज़र्स और बड़े ट्रेडिंग वॉल्यूम ने भी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का ध्यान खींचा है.