दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में 17 जनवरी 2026 की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इस मनहूस रात में 27 वर्षीय युवा इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि समय पर मदद न मिलने और जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही के कारण यह हादसा एक अकाल मौत में बदल गया. युवराज के पिता राजकुमार मेहता, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं, अपने बेटे की मौत के बाद टूट चुके हैं. उनका कहना है कि अगर प्रशासनिक तंत्र ने समय पर जिम्मेदारी निभाई होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता. इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. लोग नोएडा जैसे हाईटेक शहर में आपातकालीन सेवाओं की हकीकत पर सवाल उठा रहे हैं.