वोट चोरी और SIR को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक अनोखी 'मॉक संसद' बुलाई गई. इसे 'द पब्लिक इंपीचमेंट ऑफ ज्ञानेश कुमार' नाम दिया गया. इस बैठक में विपक्षी गठबंधन के 19 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. विपक्ष इसे संसद से सड़क तक अपनी लड़ाई का हिस्सा बता रहा है. वहीं, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का भी ऐलान किया गया है. लेकिन क्या विपक्ष के पास वास्तव में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए जरूरी संख्या बल है या यह पूरी कवायद जनता के बीच एक नया राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश है? वरिष्ठ पत्रकार मृगांक प्रभाकर ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की सियासी रणनीति समझाई.