मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों से कथित अभद्रता और गलत तरीके से छूने के आरोप सामने आए हैं. ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक 2 अक्टूबर को सुबह 10 से 12 बजे के बीच महिला पुलिसकर्मियों की संख्या कम थी, जबकि बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारी मौजूद थीं. हालांकि मौके पर मौजूद पत्रकार रश्मि अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने किसी पुरुष पुलिसकर्मी को महिला प्रदर्शनकारी को गलत तरीके से छूते हुए अपनी आंखों से नहीं देखा. महिला पत्रकारों से अभद्रता के दावों पर भी उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि पुलिस ने पहचान स्पष्ट होने के बाद माफी मांगी और उन्हें जानबूझकर परेशान किए जाने की बात उन्हें नजर नहीं आई. बैज को लेकर कुछ पुलिसकर्मियों पर सवाल जरूर उठे, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार बिना वर्दी के लोगों द्वारा पुलिस कार्रवाई करने या जानबूझकर महिला प्रदर्शनकारियों से अभद्रता करने का कोई स्पष्ट दृश्य सामने नहीं आया. पूरे मामले की जांच की मांग जारी है.