रामपुर की सियासत में आजम खान की गैरमौजूदगी के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—आखिर उनकी राजनीतिक विरासत कौन संभालेगा? आजम खान जेल में हैं और बेटे अब्दुल्ला आजम भी सियासी तौर पर सक्रिय नहीं हैं, ऐसे में उनकी पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीम फातिमा का नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है. हाल के दिनों में आजम परिवार से नेताओं की मुलाकातों ने भी इन चर्चाओं को हवा दी है. अखिलेश यादव से तंजीम फातिमा की मुलाकात हो या कांग्रेस नेताओं की आजम खान के परिवार से बढ़ती नजदीकी, इन सबके बीच यूपी की 2027 की सियासत को लेकर नए समीकरणों की अटकलें तेज हैं. सवाल सिर्फ रामपुर का नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के मुस्लिम मतदाताओं और समाजवादी पार्टी के उस मजबूत आधार का भी है, जिसने पिछले चुनावों में अखिलेश यादव की रणनीति को बड़ी ताकत दी. ऐसे में क्या तंजीम फातिमा आजम खान की सियासी विरासत को आगे बढ़ा पाएंगी?