देश में गैस की कमी और ब्लैक मार्केटिंग को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. अर्थशास्त्री Mitali Nikore ने स्टेट मिरर हिंदी से बातचीत में कहा कि कई जगहों पर गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है, जिस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी होगी. साथ ही मिडिल ईस्ट तनाव और Strait of Hormuz की स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं.