अर्थशास्त्री शरद कोहली ने बताया कि जैसे ही कोई देश खुद को जंग में झोंकता है, उसकी मुद्रा कमजोर होती है और खर्च बढ़ते हैं. युद्ध अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं करता.मिडिल ईस्ट की तनावपूर्ण स्थिति से क्रूड ऑयल महंगा हुआ, जिससे डॉलर की डिमांड बढ़ी और डॉलर इंडेक्स ऊपर गया.शांति लौटते ही अमेरिका कमजोर नजर आएगा, इसलिए सोने और चांदी की कीमतें ऊपर जाएंगी. निवेशकों ने अभी तक बड़े पैमाने पर सोना नहीं बेचा, संभावित सीज फायर के बावजूद शेयर मार्केट में हल्की उछाल, लेकिन स्थिरता नहीं है; न्यूज़ और राजनीतिक बयान बाज़ी मार्केट को प्रभावित कर रही है. सोना अभी $4300 के आसपास है. जोखिम कम करने के लिए SIP स्टाइल में थोड़ा-थोड़ा निवेश करें, अलग-अलग लेवल पर एंट्री लें.