दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम पिछले पांच साल से अधिक समय से UAPA के तहत जेल में बंद हैं, लेकिन बार-बार जमानत याचिका लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली. स्टेट मिरर के हिंदी संपादक संजीव चौहान की इस एक्सक्लूसिव बातचीत में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के पूर्व डीसीपी और वरिष्ठ आपराधिक वकील एलएन राव बताते हैं कि UAPA को भारत का सबसे कठोर आतंकी कानून क्यों माना जाता है और इस कानून के तहत जमानत मिलना इतना मुश्किल क्यों होता है.