दिल्ली के ब्लाइंड स्कूल में दिवाली की तैयारियां सिर्फ रोशनी और सजावट की कहानी नहीं, बल्कि हौसले, हुनर और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी हैं. यहां नेत्रहीन बच्चे अपने हाथों से खूबसूरत दीये, मोमबत्तियां, गिफ्ट पैकिंग, पेपर बैग और कपड़े तैयार कर रहे हैं. स्टेट मिरर की ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए, कैसे खास ट्रेनिंग के जरिए ये बच्चे अपने हुनर को रोजगार में बदल रहे हैं. ट्रेनर्स से जानिए, उन्हें सिखाने का तरीका क्या है और कैसे ये बच्चे दूसरों के घरों को रोशन करने के साथ अपने भविष्य की राह भी बना रहे हैं.