जेफ्री एपस्टीन फाइल्स को लेकर भारत समेत पूरी दुनिया में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पीएमओ ने एपस्टीन के उस कथित दावे को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है, जिसमें भारत के इजरायल दौरे से जुड़ी सलाह की बात कही गई थी. इस पूरे मामले में अब अनिल अंबानी कनेक्शन, विदेशी लीक रिपोर्ट्स, डिजिटल सबूतों की वैधता और साइबर कानून को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. साइबर लॉ एक्सपर्ट पवन दुग्गल ने चेतावनी दी है कि एपस्टीन से जुड़ी कथित फर्जी सूचियों को सोशल मीडिया पर शेयर करना भारतीय कानून के तहत अपराध बन सकता है. बिना सत्यापन के ऐसे दस्तावेज फैलाना मानहानि, अफवाह फैलाने और आईटी एक्ट के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है.