मिडिल ईस्ट में हाल ही में बनी युद्ध जैसी स्थिति के बीच अचानक हुए सीजफायर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अमेरिका जहां यह दावा कर रहा है कि उसने अपने सभी उद्देश्य हासिल कर लिए हैं, वहीं ईरान का कहना है कि उसने अपनी शर्तों पर अमेरिका को झुकने पर मजबूर किया. इस पूरे घटनाक्रम में चीन की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. Retd. AVM OP Tiwari के अनुसार, इस सीजफायर में चीन की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. चीन एशिया की एक बड़ी ताकत है और उसकी आर्थिक और रणनीतिक पकड़ मजबूत है. ईरान के साथ उसके गहरे संबंध हैं, खासकर तेल और व्यापार को लेकर. ऐसे में यह माना जा रहा है कि चीन ने पर्दे के पीछे रहकर बातचीत और दबाव के जरिए हालात को शांत करने में भूमिका निभाई हो सकती है.