सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अगले चरण में दिल्ली के कई पुराने सरकारी भवनों को हटाकर नई अत्याधुनिक इमारतें बनाने की तैयारी तेज हो गई है. इसी बीच लुटियंस दिल्ली में मौजूद 100 साल से अधिक पुराने मंदिरों और मस्जिदों के भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक धार्मिक स्थलों को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. नई संसद और मंत्रालयों के निर्माण के बाद अब कृषि भवन, शास्त्री भवन, उद्योग भवन समेत कई पुराने परिसरों के पुनर्विकास की योजना पर काम चल रहा है. स्थानीय लोगों और धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखा जाना चाहिए, जबकि फिलहाल इस बात पर स्थिति स्पष्ट नहीं है कि किन धार्मिक संरचनाओं पर परियोजना का असर पड़ेगा.