दिल्ली में 5 फरवरी को लॉन्च हुई भारत की पहली कोऑपरेटिव कैब सर्विस Bharat Taxi App ने दावा किया कि इसमें ड्राइवर ही मालिक होंगे और पूरा किराया सीधे उन्हें मिलेगा. साथ ही सर्ज प्राइसिंग भी नहीं होगी. इसे Ola Cabs, Uber और Rapido का सस्ता विकल्प बताया गया, लेकिन लॉन्च के कुछ दिनों बाद ही विवाद शुरू हो गया. कई ड्राइवर कम किराए, कमाई को लेकर भ्रम, वेटिंग चार्ज और बार-बार राइड कैंसिल होने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं. टेस्ट के दौरान किराया तो काफी कम दिखा, लेकिन कैब बार-बार कन्फर्म होकर भी नहीं आई. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह ड्राइवर-फ्रेंडली क्रांति है या लॉन्च के साथ ही संघर्ष शुरू हो गया है.