देश में बाबरी मस्जिद विवाद एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से उठा है, जहां पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर ने 'बाबरी मस्जिद' के नाम पर मस्जिद निर्माण की नींव रखने का एलान किया है. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है, खासकर ऐसे समय में जब चुनाव नजदीक हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आक्रमणकारियों के नाम पर देश में कोई मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी. उनके इस बयान को बीजेपी की स्पष्ट राजनीतिक लाइन माना जा रहा है. वहीं कांग्रेस और टीएमसी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह पूरा मुद्दा चुनाव से पहले धार्मिक ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. विपक्ष का दावा है कि हुमायूं कबीर की पहल से बीजेपी को बंगाल में राजनीतिक फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है.