उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद के ख़िलाफ ‘पॉक्सो एक्ट’ में दर्ज मुकदमे का जो होगा सो होगा. इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ फौजदारी वकील डॉ. एपी सिंह ने वह हैरतंगेज फार्मूला खोज निकाला है, जो शंकराचार्य को इस बवाल से जंजाल से बेदाग निकालने में ‘तुरुप का पत्ता’ सिद्ध हो सकते हैं. आखिर यह सब पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर या सख्त कानून में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कैसे संभव है? सवाल के जवाब के लिए स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर क्राइम इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान ने एक्सक्लूसिव बात की, निर्भया हत्याकांड में फांसी चढ़ चुके सजायाफ्ता मुजरिमों के पैरोकार वकील रहे डॉ. एपी सिंह से.