कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन इस बार पार्टी की रणनीति ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अगर कोई नेता या कार्यकर्ता टिकट की दौड़ में शामिल होना चाहता है, तो उसे पहले 50,000 रुपये जमा कराने होंगे. यह फैसला ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब पार्टी ने टिकट वितरण और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा को सौंपी है. यानी असम में टिकट पाने का रास्ता अब पहले से ज्यादा सख्त और औपचारिक हो गया है. इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने स्टेट मिरर से खास बातचीत में कहा कि टिकट के लिए रखी गई राशि को गलत नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. यह पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया है और इसका मकसद चुनावी तैयारी को मजबूत करना है, न कि किसी को बाहर करना.