ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव पर रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने बताया कि ईरान सीधे हमले से नहीं झुकेगा. इज़राइल का मकसद उसके अस्तित्व और मिसाइल सिस्टम को कमजोर करना है, जबकि अमेरिका तेल या अन्य संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि अपनी भू-राजनीतिक स्थिति और दबाव बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रहा है. ईरान ने अपनी पुरानी सभ्यता और अनुभव के दम पर लगातार पलटवार किया है, लंबी दूरी की मिसाइलों और टेक्नोलॉजी की मदद से अमेरिका और इज़राइल दोनों को चौंकाया है. भूगोल और मजबूत नेतृत्व के कारण ईरान जमीनी हमले के लिए आसानी से भरा नहीं जा सकता.इतिहास और वर्तमान ताकतों को देखते हुए, अमेरिका और इज़राइल की योजना पूरी तरह सफल होना मुश्किल है. ईरान अपनी रणनीति, तैयारी और मनोबल से लंबे समय तक दबाव झेल सकता है और खुद को सुरक्षित रख सकता है.