3 साल से घर के लिए उत्तराखंड में ही क्यों जमीन तलाश रहे ऋषभ पंत? देर रात ट्वीट कर CM धामी से लगाई गुहार, अधिकारियों को मिले आदेश
ऋषभ पंत उत्तराखंड में अपना घर बनाने के लिए 3 साल से जमीन की तलाश कर रहे हैं. उन्होंने CM पुष्कर सिंह धामी से मदद मांगी, जिसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने गृह राज्य उत्तराखंड में अपना घर बनाने की इच्छा जताई है. इसके लिए उन्होंने जमीन खरीदने की प्रक्रिया में मदद के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सार्वजनिक अपील की थी. अब मुख्यमंत्री धामी ने पंत को भरोसा दिया है कि राज्य सरकार नियमों के तहत उन्हें हर संभव मदद करेगी.
फिलहाल ऋषभ पंत भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, जहां भारत को दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. शनिवार तड़के पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपनी परेशानी बताई. 28 वर्षीय पंत ने कहा कि वह पिछले तीन साल से ऐसी जमीन तलाश रहे हैं, जहां वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट कर सकें और अपना पहला घर बना सकें. पंत ने बताया कि इस अपील के पीछे उनका मकसद अपने जड़ों से दोबारा जुड़ना और अपने गृह राज्य के लिए योगदान देना है.
ऋषभ ने क्या लिखा?
उन्होंने लिखा, “मैं दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं और मुझे यहां रहने के लिए ऐसी सुविधाजनक और बड़ी जगह नहीं मिल पाई. मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है.” इसके बाद पंत ने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने की प्रक्रिया में मदद करने की सीधी अपील की.
उन्होंने कहा, “मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया जमीन खरीदने में मेरी मदद करें... मैं अपने मूल स्थान वापस आना चाहता हूं, उत्तराखंड के लिए कुछ करना और यहां विकास में योगदान देना चाहता हूं. मैं अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस आना चाहता हूं. कृपया इस मामले को देखें, इसे तीन साल हो चुके हैं.”
CM धामी ने क्या कहा?
पुष्कर सिंह धामी ने पंत की पोस्ट का जवाब देते हुए उत्तराखंड वापस लौटने की उनकी इच्छा का स्वागत किया. उन्होंने पंत के क्रिकेट में योगदान और उत्तराखंड का नाम रोशन करने की भी तारीफ की. धामी ने लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड का गौरव हैं. अपने शानदार प्रदर्शन और उपलब्धियों से आपने देश और दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है.”
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद अपने राज्य के लिए योगदान देने की पंत की इच्छा की भी सराहना की. उन्होंने कहा, “अपनी मातृभूमि के प्रति आपका प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की आपकी भावना बेहद सराहनीय है.”
अधिकारियों को दिए गए निर्देश..
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंत की ओर से उठाए गए इस मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है. अब अधिकारी जल्द ही पंत से संपर्क करेंगे. धामी ने कहा, “आपने जो मामला उठाया है, उसके संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं. वे जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे और नियमों के अनुसार हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे.”
ऋषभ पंत ने अपनी मूल अपील में यह भी स्पष्ट किया था कि वह सरकार से मुफ्त में जमीन नहीं मांग रहे हैं. उन्होंने कहा था कि वह सरकार से जमीन खरीदना चाहते हैं और इसके लिए लागू सरकारी दर का भुगतान करेंगे.
पंत ने लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपहार मिलना अच्छा लगेगा, लेकिन अगर आप अनुमति दें तो मैं इसे सरकार से उनकी निर्धारित दरों पर खरीदना चाहता हूं.”
ऋषभ पंत का उत्तराखंड से क्या है रिश्ता?
ऋषभ पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था. उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत उत्तराखंड से की थी. इसके बाद क्रिकेट में पेशेवर करियर बनाने के लिए वह दिल्ली चले गए. पंत घरेलू क्रिकेट में अभी भी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उत्तराखंड से उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ है.
उत्तराखंड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले हैं ऋषभ पंत?
पंत की यह अपील उस खबर के कुछ समय बाद सामने आई, जिसमें उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड का सबसे ज्यादा व्यक्तिगत आयकर देने वाला व्यक्ति बताया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, पंत ने 23.84 करोड़ रुपये का आयकर चुकाया था.
पंत की कमाई में BCCI का कॉन्ट्रैक्ट, मैच फीस, IPL से होने वाली आय और विज्ञापन सौदों से मिलने वाली रकम शामिल है. उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था. इसके अलावा कई बड़ी कंपनियों के साथ उनके एंडोर्समेंट करार भी हैं.
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से अधिकारियों को मदद के निर्देश दिए जाने के बाद उत्तराखंड में अपना पहला घर बनाने के लिए ऋषभ पंत की तीन साल पुरानी जमीन की तलाश को आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है.