Noida Protest: 48 घंटों में बने कई Whatsapp ग्रुप, क्यूआर कोड के जरिए मजदूरों को जोड़ा- अब तक 396 गिरफ्तार
नोएडा में छिड़े बवाल को लेकर अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पिछले दो दिनों में कई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए, जिनमें क्यूआर कोड के जरिए मजदूरों को जोड़ा गया.
नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन
(Image Source: X/ @askrajeshsahu )Noida Workers Protest: नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. सेक्टर 70-80 में मंगलवार को पुलिस और मजदूरों के बीच छड़प देखने को मिली. हालांकि पुलिस ने स्थिति को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया. दूसरी तरफ नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका के संकेत मिले हैं.
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पिछले दो दिनों में कई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए, जिनमें क्यूआर कोड के जरिए मजदूरों को जोड़ा गया. जिसके बाद इतनी भारी संख्या में मजदूर इकट्ठा हुए, जिससे कई जगहों पर भारी बवाल देखने को मिला.
पुलिस ने क्या कहा?
गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को कहा कि इन व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर मजदूरों को जोड़ा जा रहा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक सुनियोजित और संगठित सिंडिकेट सक्रिय है. उन्होंने आगे जानकारी दी कि नोएडा में हिंसक हुए इस विरोध प्रदर्शन के मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं. अशांति फैलाने में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है, जबकि आगे की कार्रवाई जारी है.
कितने लोग गिरफ्तार?
मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 396 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसमें 392 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं. पुलिस की धड़ पकड़ लगातार जारी है.पुलिस उग्र प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर लगातार गिरफ्तारी कर रही है.
क्यों छिड़ा बवाल?
दरअसल कई दिनों से वेतन बढ़ाने को लेकर मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. मजदूरों ने कंपनियों पर ओवर टाइम कराने और कम पैसा देने के आरोप लगाए. जिसके बाद सोमवार को हजारों की संख्या में नोएडा के सेक्टर 62, 63 और फेज-2 जैसे उद्योगिक इलाकों में मजदूर ने तोड़-फोड़ और आगजनी की. इसके अलावा मजदूरों ने सड़क को जाम कर दिया. जिसके चलते कुछ समय के लिए पूरे शहर का यातायात ठप हो गया था. कई कंपनियों में घुसकर भी मजदूरों ने बवाल काटा.
सोमवार के बवाल के बाद यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम वेतन बढ़ाने का फैसला किया. अकुशल श्रमिकों को प्रति माह 11,313.65 रुपये और प्रतिदिन 435.14 रुपये मिलेंगे, जबकि कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13,940.37 रुपये और दैनिक वेतन 536.16 रुपये निर्धारित किया गया है.