JE बर्खास्त, कारण बताओ नोटिस... जीने के लिए 80 मिनट तक चिल्लाता रहा युवराज, इंजीनियर मौत के मामले में अब तक क्या हुआ?

नोएडा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार गहरे पानी में गिरने से मौत हो गई. घने कोहरे और रेस्क्यू में देरी के कारण वह 80 मिनट तक पिता को चिल्लाता रहा. हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने जिम्मेदार JE की नौकरी बर्खास्त कर दी और कारण बताओ नोटिस जारी किया. पुलिस ने दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी, जबकि स्थानीय निवासियों ने कैंडल मार्च कर सख्त कार्रवाई की मांग की.;

( Image Source:  @GreaterNoidaW- X )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 19 Jan 2026 9:11 AM IST

दिल्ली NCR से सटे इलाके ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-150 के खाली प्लाट में कार के गहरे पानी में गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने सुरक्षा की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है. मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने Knowledge Park पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने कार्रवाई नहीं की.

युवराज की मौत ने स्थानीय प्रशासन और बिल्डरों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिता ने स्पष्ट किया कि समय पर लाइट और बैरिकेड लगाई जाती, तो उनका बेटा बच सकता था. हादसे के बाद पुलिस ने दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

पिता की शिकायत में सामने आई लापरवाही

युवराज मेहता की कार (Maruti Grand Vitara, UP-16-EM-1190) करीब 70 फीट गहरे पानी से भरे प्लाट में गिरी. पिता ने बताया, “प्लाट MZ Wiz Town Planners Pvt. Ltd. और Lotus Greens Construction Pvt. Ltd. का था. इसमें कोई बैरिकेड या रिफ्लेक्टर नहीं था, जिससे यह हादसा हुआ.' राजकुमार मेहता ने कहा, 'लाइट और रोड मार्कर होते तो यह दुर्घटना टली जा सकती थी. SDRF और NDRF टीम को तैयारी में काफी समय लगा और उन्हें नाव के जरिए 6:00 बजे तक ही अंदर प्रवेश मिला.'

राहत और बचाव में देरी

युवराज ने हादसे के तुरंत बाद पिता को फोन किया. राजकुमार मौके पर पहुंचे लेकिन घने कोहरे के कारण उन्हें दुर्घटना स्थल नहीं दिखा. उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी, जो बाद में फायर ब्रिगेड और SDRF/NDRF टीम के पास पहुंची. पिता ने बताया, “NDRF टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे. उनके पास केवल रस्सी थी, जबकि गोताखोर और तैराक की जरूरत थी. मैं अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मदद मांगता रहा.”

नोएडा अथॉरिटी ने की कार्रवाई

घटना के बाद नोएडा ट्रैफिक सेल ने सेक्टर-150 क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं. सीईओ ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे लोटस बिल्डर के निर्माण कार्य और आवंटन की रिपोर्ट प्रस्तुत करें. साथ ही, घटना स्थल पर बैरिकेड लगवा दिए गए हैं ताकि और कोई दुर्घटना न हो.

डायल-112 पर सूचना देने के बाद पिता मौके पर पहुंचे. पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम देर से पहुंची. SDRF और NDRF टीम के आने तक युवराज लगभग 80 मिनट तक पानी में चिल्लाता रहा. घने कोहरे और रात के अंधेरे की वजह से पिता और फोर्स टीम युवराज को देख नहीं पा रहे थे. मोबाइल टॉर्च जलाने के बावजूद रेस्क्यू में बाधा आई.

युवराज के पिता राजकुमार मेहता एसबीआई से रिटायर्ड निदेशक हैं. पत्नी की मौत पहले हो चुकी, बड़ी बेटी शादीशुदा और यूके में रहती है. युवराज इकलौता बेटा था. यूरेका पार्क सोसाइटी निवासियों ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन किया. उन्होंने नोएडा अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

स्थानीय निवासियों का विरोध और मांगें

यूरेका पार्क सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. Knowledge Park थाना पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर MZ Wiz Town Planners Pvt. Ltd. और Lotus Greens Construction Pvt. Ltd. के खिलाफ केस दर्ज किया है. जॉइंट CP राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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