लोकसभा सचिवालय के निदेशक ने फ्लैट में क्यों लगाई फांसी, 15 पन्नों के सुसाइड नोट में क्या-क्या मिला?

लोकसभा सचिवालय के निदेशक गौरव गौतम ने नोएडा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को उनके फ्लैट से 15 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

lok sabha secretariat director suicide

Edited By :  मोहम्मद रज़ा
Updated On : 5 Aug 2026 11:34 AM IST

नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में लोकसभा सचिवालय में निदेशक पद पर कार्यरत 40 वर्षीय गौरव गौतम ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. जानकारी के अनुसार, घटना का पता उस समय चला जब गौरव गौतम की पत्नी मायके से वापस घर लौटीं.

काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला और मोबाइल फोन का भी कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्हें अनहोनी की आशंका हुई. सोसाइटी के गार्ड की मदद से फ्लैट का दरवाजा खोला गया तो गौरव गौतम पंखे से लटके मिले. परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

क्यों लगाई फांसी?

पुलिस ने फ्लैट की तलाशी के दौरान 15 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नोट में गौरव गौतम ने अपनी मौत के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि लगातार बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के कारण उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे. पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में किसी अन्य व्यक्ति पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है. फिलहाल नोट की सामग्री और अन्य तथ्यों की गहन जांच की जा रही है.

क्या बोले थाना प्रभारी?

थाना फेस-2 प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. घटनास्थल से 15 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आर्थिक तंगी और लगभग 70 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख किया गया है. परिजनों की ओर से फिलहाल किसी के खिलाफ कोई शिकायत या आरोप नहीं लगाया गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

Similar News