लखनऊ में लगी आग ने निगल ली 15 जिदंगियां, शवों को देख रो पड़े ब्रजेश पाठक; घायलों से मिले CM योगी और राजनाथ सिंह-10 बड़ी बातें

लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी. गेमिंग और एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर में मौजूद ज्यादातर युवा छात्रों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए.

लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत

(Image Source:  ANI )
By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 22 Jun 2026 11:33 PM IST

Lucknow Aliganj Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज में सोमवार को लगी भीषण आग सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी में कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गई. तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग ने देखते ही देखते कई युवाओं की जान ले ली. जिन हाथों में सपने थे, जिन आंखों में भविष्य था, वे धुएं और आग के बीच हमेशा के लिए खामोश हो गए.

इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा थे, जो गेमिंग और एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर में मौजूद थे. घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने जो मंजर देखा, वह किसी भयावह फिल्म के दृश्य जैसा था- धुआं, चीखें, मदद की पुकार और अपनों को तलाशते रोते हुए परिवार...

लखनऊ अग्निकांड: 10 बड़े पॉइंट्स में समझिए पूरी घटना

1- सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लखनऊ के पुरनिया इलाके में Usha Mehta Marg स्थित तीन मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई. कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग काले धुएं से भर गई. अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. शुरुआत में खबर आई कि यहां कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रही थी, लेकिन बाद में पुलिस ने साफ किया कि ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और पेट क्लिनिक था, जबकि ऊपर गेमिंग और एनीमेशन से जुड़ा ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था.

2- आग लगने के बाद कई छात्र अंदर फंस गए और बचने के लिए कुछ लोगों ने खिड़कियों और ऊपरी मंजिल से छलांग तक लगा दी. हादसे के बाद सबसे दर्दनाक तस्वीरें उन परिवारों की थीं, जो अपने बच्चों की खबर के लिए घंटों इंतजार करते रहे. कुछ परिजनों ने बताया कि उनके बच्चों ने आखिरी फोन कॉल में सिर्फ इतना कहा- बचाओ... हम अंदर फंस गए हैं. कई परिवारों के लिए फोन की घंटी आखिरी उम्मीद बनी रही, लेकिन दूसरी तरफ से आने वाली आवाज हमेशा के लिए बंद हो गई.

3- आग इतनी भयानक थी कि फायर ब्रिगेड, पुलिस, NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीमों ने पास की इमारत से रास्ता बनाया और दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की. कई लोगों को रस्सियों के सहारे बाहर निकाला गया. कई शवों को बाहर लाते समय मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं.

4- डिप्टी CM ब्रजेश पाठक भी हुए भावुक: घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक हादसे का दर्द बताते हुए भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि आग अचानक लगी और कई बच्चे अंदर फंस गए. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद 14 शवों को बाहर निकलते देखा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की पूरी जांच होगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.

5- KGMU ट्रॉमा सेंटर के अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई. कुछ घायलों का इलाज जारी है, जिनमें बिल्डिंग से कूदने वाले लोग भी शामिल हैं.

 

6- KGMU के MS प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही 15 लोगों की मौत हो चुकी थी. शवों को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया गया है. 7-8 और लोगों को भी लाया गया था. उनमें से दो को मामूली चोटें आईं. एक युवक को रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है. हमारे डॉक्टर अभी उसका इलाज कर रहे हैं. एक युवती के पैर में चोट है और उसकी भी जांच की जा रही है. वे सभी लगभग 25-27 साल के लग रहे हैं. ज़्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं."

7- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की.

8- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौटने का फैसला किया और अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

9- सीएम योगी ने घटनास्थल का दौरा किया, इसके बाद वे केजीएमयू भी गए, जहां घायलों का इलाज चल रहा है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया.

10- रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने आग लगने की घटना वाली जगह का दौरा किया. उन्होंने कहा, "आज एक दुखद घटना हुई है. मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. जैसा कि मुख्यमंत्री ने कहा है, पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी."

सबसे बड़ा सवाल: सुरक्षा व्यवस्था कहां थी?

यह हादसा सिर्फ आग नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाएंगी कि क्या बिल्डिंग में फायर सेफ्टी नियमों का पालन हो रहा था? क्या इमरजेंसी एग्जिट मौजूद था? क्या आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे? क्योंकि इस हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि लापरवाही की कीमत कई बार मासूम जिंदगियां चुकाती हैं.

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