राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव को लेकर मंगलवार को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन वोटिंग के बाद नतीजे घोषित करने पर रोक लगा दी. यह आदेश पूर्व महिला क्रिकेटर की उस याचिका पर आया, जिसमें राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था.

कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन प्रत्याशियों की जीत का आधिकारिक ऐलान फिलहाल अटक गया है. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट से भी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव से जुड़ी लंबित याचिका पर सुनवाई करने को कहा है. ऐसे में अब राजस्थान क्रिकेट की नई कार्यकारिणी के गठन पर सबकी नजर कोर्ट की अगली कार्रवाई पर है.

7 पॉइंट्स में जानें क्या है विवाद

1. पूर्व महिला क्रिकेटर की याचिका में RCA चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे. याचिकाकर्ता की ओर से खास तौर पर यह मुद्दा उठाया गया कि चुनाव में महिला मतदाताओं और महिला उम्मीदवारों का भागीदारी नहीं है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की. कोर्ट ने मतदान प्रक्रिया को रोकने के बजाय उसे जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन परिणाम रोक दिया.

2. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा "याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों, खासकर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में महिलाओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए, हम निर्देश देते हैं कि आज होने वाला चुनाव होगा. हालांकि, नतीजे घोषित नहीं किए जाएंगे."

3. RCA की चुनाव प्रक्रिया में छह पदों के लिए मतदान होना था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मतदान में जिला क्रिकेट संघों से जुड़े मतदाताओं को वोट देने का अधिकार है. RCA की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026-29 चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची भी प्रकाशित की गई है. चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को मतदान निर्धारित था और सामान्य स्थिति में इसी दिन मतगणना तथा परिणाम घोषित किए जाने थे.

4. याचिकाकर्ता ने अदालत के सामने दावा किया कि चुनाव में कोई महिला वोटर और महिला उम्मीदवार नहीं है. हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया. RCA के कार्यकारी पद के लिए शोभना गुर्जर ने नामांकन दाखिल किया है. वह दौसा जिला क्रिकेट एसोसिएशन की अध्यक्ष हैं और RCA में कार्यकारी पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाली पहली महिला प्रशासक बताई गई हैं.

5. RCA में लंबे समय से नियमित निर्वाचित कमेटी के बजाय एडहॉक व्यवस्था को लेकर विवाद रहा है. राजस्थान हाई कोर्ट के सामने भी चुनाव और जिला क्रिकेट संघों के वोटिंग अधिकार से जुड़े अलग-अलग मामले पहुंचे हैं.

6. इस बार RCA अध्यक्ष पद की दौड़ में राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई नाम भी चर्चा में हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पांच राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. इनमें स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर, विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी के बेटे आशीष तिवारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ शामिल बताए गए.

7. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल चुनाव परिणाम को लेकर है. मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा. इससे विजेता उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर पदभार संभालने के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा.