क्या है भगवंत मान का OSD वाला मामला? CM ऑफिस समेत CBI ने 8 ठिकानों पर मारी रेड, 10 Point में समझें पूरी कहानी
भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मण पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ है. CM कैंप ऑफिस समेत 8 जगह CBI रेड में क्या मिला और मामला क्या है? जानें 10 पॉइंट में.
पंजाब की सियासत में मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजवीर सिंह घुम्मन के खिलाफ CBI कार्रवाई के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. CBI ने भ्रष्टाचार के आरोपों में घुम्मन समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और चंडीगढ़ समेत पंजाब की 8 जगहों पर छापेमारी की है. इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान का कैंप ऑफिस भी शामिल है. एजेंसी ने छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए हैं.4
इस कार्रवाई के बाद AAP ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि जांच एजेंसी का कहना है कि मामला अधिकारियों की पोस्टिंग, सरकारी मंजूरियों और अन्य मामलों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. आखिर भगवंत मान के OSD का मामला क्या है और CBI ने क्यों मारा छापा? समझिए पूरी कहानी 10 पॉइंट में.
भगवंत मान के OSD के मामले में CBI ने क्यों मारा रेड? 10 पॉइंट में पूरी कहानी
1. CBI ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का केस
CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मण समेत कई लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में मामला दर्ज किया है. एजेंसी के मुताबिक, केस पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के बाद दर्ज किया गया.
2. कौन-कौन FIR में नामजद?
CBI के मुताबिक मामले में राजबीर सिंह घुम्मण के अलावा कथित बिचौलिया नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं. इसके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी और निजी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
3. आरोप क्या हैं?
CBI का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर, विभागीय कार्रवाई, नीतियां बनाने, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंस और जमीन से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर आर्थिक लाभ लिया.
4. IAS-IPS अधिकारियों की पोस्टिंग भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर IAS और IPS अधिकारियों समेत दूसरे सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग को प्रभावित करने का मामला भी जांच में शामिल है. इसके अलावा अनुकूल आदेश और सरकारी फैसले कराने के बदले कथित लेन-देन के आरोपों की भी जांच की जा रही है.
5. सरकारी दस्तावेजों को लेकर भी गंभीर आरोप
CBI ने कहा है कि कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी आदेश और नीतियों के ड्राफ्ट उनके आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले निजी लोगों तक पहुंचाए. एजेंसी अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है.
6. CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर छापा
CBI ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस पर भी तलाशी ली. यह वही कैंप ऑफिस है, जो मुख्यमंत्री के पूल के तहत आवंटित है और जहां राजबीर सिंह घुम्मण के रहने की बात सामने आई है. इसके अलावा घुम्मण के संगरूर स्थित घर समेत पंजाब के कई जिलों में तलाशी ली गई.
7. 8 जगहों पर हुई कार्रवाई
CBI की टीमें चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर समेत कई स्थानों पर पहुंचीं. तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इनसे कथित रिश्वत और अनियमितताओं से जुड़े सबूत तलाशे जा रहे हैं.
8. मामला हाई कोर्ट के आदेश से यहां तक पहुंचा
इस पूरे मामले की शुरुआत ED की ओर से पंजाब पुलिस को भेजी गई जानकारी से जुड़ी है. इसके बाद एडवोकेट निखिल सराफ की PIL पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया. हाई कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री को प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए पर्याप्त माना.
9. पंजाब सरकार ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार ने इसका विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार ने CBI जांच के खिलाफ Special Leave Petition दायर की. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनने पर सहमति जताई है. यानी एक तरफ CBI की जांच शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार इस जांच को चुनौती दे रही है.
10. भगवंत मान और AAP ने BJP पर लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
CBI कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब चुनाव की तैयारी के बीच केंद्र की एजेंसियों का इस्तेमाल उनकी सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. अरविंद केजरीवाल ने भी इसे चुनाव से पहले BJP की बौखलाहट बताया और आरोप लगाया कि BJP चुनाव में जीत नहीं सकती, इसलिए ED-CBI के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है. दूसरी ओर, जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर BJP का रुख यह रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं.