दतिया उपचुनाव में BJP-कांग्रेस के सामने खड़ी हुई थी चंद्रशेखर आजाद की पार्टी, इस नंबर पर रहा उम्मीदवार
दतिया उपचुनाव 2026 में आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव 'मंडल' तीसरे स्थान पर रहे. जानिए चंद्रशेखर आजाद की पार्टी के इस नेता की प्रोफाइल, राजनीतिक सफर और चुनावी प्रदर्शन.
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच रहा, लेकिन इस चुनाव में एक तीसरी राजनीतिक ताकत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. यह ताकत थी आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), जिसके उम्मीदवार दामोदर यादव 'मंडल' ने चुनाव में तीसरा स्थान हासिल किया. भले ही वह जीत की दौड़ से काफी पीछे रहे, लेकिन हजारों वोट हासिल कर उन्होंने यह इशारा जरूर दिया कि दतिया की राजनीति में अब तीसरे विकल्प की भी चर्चा होने लगी है.
मतगणना के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए रहे, जबकि भाजपा दूसरे स्थान पर रही. वहीं पांच बजे तक, चुनाव आयोग के अनुसार दामोदर यादव 'मंडल' को लगभग 20 हजार से अधिक वोट मिले और वह कांग्रेस उम्मीदवार से करीब 41 हजार वोट पीछे रहे. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर दामोदर यादव 'मंडल' कौन हैं, उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा और दतिया उपचुनाव में उनकी भूमिका कितनी अहम रही.
कांग्रेस का भाजपा पर आरोप
दतिया उपचुनाव के नतीजों के बीच कांग्रेस नेता पी.सी. शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 'भाजपा ने साजिश के तहत तीसरा उम्मीदवार खड़ा किया और उसे वित्तपोषित किया. सरकार और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया. यहां कांग्रेस का ही विधायक बनेगा.' हालांकि भाजपा ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
दतिया उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रही आज़ाद समाज पार्टी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. हालांकि, इस चुनाव में चंद्रशेखर आजाद की अगुवाई वाली आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने भी पूरी ताकत झोंकी थी. पार्टी ने दामोदर यादव 'मंडल' को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों की आवाज के रूप में पेश किया. मतगणना के दौरान वह तीसरे स्थान पर रहे और हजारों मत हासिल किए.
आज़ाद समाज पार्टी के दामोदर यादव 'मंडल' कौन?
दामोदर यादव 'मंडल' (दामोदर सिंह यादव) मध्य प्रदेश के सक्रिय राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वह आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य हैं और लंबे समय से सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं. उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हितों की आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी रही है.
आज़ाद समाज पार्टी में क्या है जिम्मेदारी?
दामोदर यादव 'मंडल' पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी का हिस्सा हैं. यह पार्टी सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में काम करती है और सामाजिक न्याय, संविधान तथा बहुजन राजनीति को अपना प्रमुख एजेंडा मानती है. दतिया उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा था. सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हैं दामोदर यादव. राजनीति के अलावा दामोदर यादव कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं.
उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं-
- दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) के प्रमुख
- अखिल भारतीय यादव महासभा में मुख्य महासचिव
- सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को लेकर सक्रिय भूमिका
नाम के साथ 'मंडल' क्यों जोड़ा?
दामोदर यादव ने अपने नाम के साथ 'मंडल' शब्द आधिकारिक रूप से जोड़ा. बताया जाता है कि उन्होंने यह बदलाव मंडल आयोग की सामाजिक न्याय की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए किया. इसके बाद उन्होंने अपने आधिकारिक दस्तावेजों में भी स्वयं को दामोदर यादव 'मंडल' के नाम से दर्ज कराया.
दतिया उपचुनाव 2026 में कैसा रहा प्रदर्शन?
30 जुलाई 2026 को हुए दतिया विधानसभा उपचुनाव में दामोदर यादव 'मंडल' ने आज़ाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा. मतगणना के दौरान वे लगातार तीसरे स्थान पर बने रहे. चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार उन्हें लगभग 20 हजार से अधिक वोट मिले. हालांकि, कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई होने के कारण वह जीत की दौड़ में शामिल नहीं हो सके.
दतिया की राजनीति में क्या है संकेत?
दामोदर यादव 'मंडल' भले ही चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन हजारों वोट हासिल कर उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि दतिया में कांग्रेस और भाजपा के अलावा तीसरी राजनीतिक ताकत भी धीरे-धीरे अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है. यदि आज़ाद समाज पार्टी आने वाले चुनावों में अपना संगठन और मजबूत करती है, तो भविष्य में वह मध्य प्रदेश की कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की क्षमता रख सकती है.