10 साल की उम्र में गए ब्रिटेन, अब 23 की उम्र में बने मेयर; जानिए कौन हैं तुषार कुमार, जिन्होंने बढ़ाया भारत का मान
Tushar Kumar 23 साल की उम्र में ब्रिटेन के सबसे युवा भारतीय मूल के मेयर बन गए हैं. हरियाणा में जन्मे तुषार अब इंग्लैंड के एल्स्ट्री और बोरहैमवुड टाउन काउंसिल के मेयर बने हैं, उन्होंने युवाओं की भागीदारी, सामुदायिक सेवा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने को अपनी प्राथमिकता बताया है.
Who is Tushar Kumar: तुषार कुमार ब्रिटेन में भारतीय मूल के सबसे युवा मेयर बनकर चर्चा में आ गए हैं. महज 23 साल की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड के हर्टफोर्डशायर स्थित Elstree and Borehamwood टाउन काउंसिल के मेयर का पद संभालकर इतिहास रच दिया.
लेबर पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले तुषार कुमार का मेयर के तौर पर आधिकारिक शपथ ग्रहण पिछले हफ्ते 'मेयर मेकिंग सेरेमनी' में हुआ. इस उपलब्धि के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है.
कौन हैं तुषार कुमार?
तुषार कुमार का जन्म हरियाणा में हुआ. साल 2013 में वह 10 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ ब्रिटेन चले गए. वहां उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी. उन्होंने King's College London से पॉलिटिकल साइंस में डिग्री हासिल की. इसके अलावा उनके पास पांच A-Levels और 21 GCSEs जैसी शानदार शैक्षणिक उपलब्धियां भी हैं. सितंबर 2026 से वह University College London (UCL) में पॉलिटिकल इकोनॉमी में मास्टर्स की पढ़ाई भी शुरू करेंगे.
तुषार का कहना है कि किंग्स कॉलेज लंदन ने उनके नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन की सोच को काफी प्रभावित किया. कॉलेज की Civic Leadership Academy और Officers’ Training Corps से उन्हें नेतृत्व और सार्वजनिक संवाद की ट्रेनिंग मिली.
20 साल की उम्र में बने काउंसलर
तुषार कुमार ने बहुत कम उम्र में राजनीति में कदम रखा. वह सिर्फ 20 साल की उम्र में टाउन काउंसलर चुने गए थे. उस समय वह यूनिवर्सिटी में पढ़ाई भी कर रहे थे. राजनीति में आने के बाद से उन्होंने युवाओं की भागीदारी, डिजिटल सेवाओं की पहुंच और सामुदायिक जुड़ाव जैसे मुद्दों पर काम किया. साल 2023 में उन्होंने अपनी मां Parveen Rani के साथ मिलकर स्थानीय राजनीति में इतिहास बनाया. मां-बेटे की यह जोड़ी एक साथ लेबर पार्टी से काउंसलर चुनी गई थी. तुषार अक्सर कहते हैं कि उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं.
मेयर बनने के बाद क्या हैं प्राथमिकताएं?
मेयर बनने के बाद तुषार कुमार ने कहा कि उनका फोकस युवाओं को आगे लाने, स्थानीय संस्थाओं और चैरिटी संगठनों को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को सार्वजनिक सेवा से जोड़ने पर रहेगा. उन्होंने कहा कि राजनीति में असली बदलाव जमीनी स्तर से शुरू होता है. उन्होंने अपने कार्यकाल के लिए WD6 Food Support नामक संस्था को आधिकारिक मेयरल चैरिटी चुना है, जो जरूरतमंद लोगों की मदद करती है.
भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव
ब्रिटेन में रहते हुए भी तुषार कुमार अपने भारतीय मूल और संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं. उन्होंने स्थानीय परिषद में पहली बार दिवाली समारोह आयोजित करवाया और होली, स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस जैसे भारतीय आयोजनों में भी सक्रिय भूमिका निभाई. वह ब्रिटिश-इंडियन बच्चों को हिंदी सिखाने के लिए मुफ्त हिंदी क्लास भी चलाते हैं, ताकि नई पीढ़ी अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी रहे.
क्या होता है UK में मेयर का रोल?
ब्रिटेन में टाउन काउंसिल मेयर का पद ज्यादातर औपचारिक और प्रतिनिधिक माना जाता है, लेकिन इसकी सामाजिक और सार्वजनिक अहमियत काफी ज्यादा होती है. मेयर स्थानीय लोगों, संस्थाओं और प्रशासन के बीच कड़ी का काम करता है और शहर के आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करता है.
तुषार कुमार की नियुक्ति को ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के युवाओं की बढ़ती भागीदारी और प्रतिनिधित्व के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने भविष्य में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई है.