हरियाणा में लाखों वोटरों पर संकट, जानें क्यों ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट रहे हैं नाम, चुनाव आयोग ने बताया अब क्या करना होगा
हरियाणा में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले लाखों मतदाताओं के नाम हटने की खबर सामने आई है. चुनाव आयोग के अनुसार, जिन लोगों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली है या जो सत्यापन के दौरान नहीं मिले, उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं.
हरियाणा में करीब 33.84 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो सकते हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान कई वोटर्स अपने दर्ज पते पर नहीं मिले. वहीं, कुछ लोग दूसरे जगह पर बस चुके हैं और कुछ मतदाताओं के निधन की जानकारी सामने आई है. ऐसे मामलों में उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं.
हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह अंतिम वोटर लिस्ट नहीं है. अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता है, तो वह 31 जुलाई से 30 अगस्त के बीच जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा कर सकता है. जांच पूरी होने के बाद चुनाव आयोग 3 अक्टूबर को आखिरी वोटर लिस्ट जारी करेगा.
कितने वोटर्स हो सकते है ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर?
शुक्रवार शाम तक जारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में कुल 2.07 करोड़ मतदाताओं में से 1.73 करोड़ लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं. यह कुल मतदाताओं का लगभग 83.61 प्रतिशत है. वहीं, करीब 33.84 लाख मतदाता (16.38 प्रतिशत) ऐसे पाए गए हैं, जिनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे. इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो अपने पते पर नहीं मिले, दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो बार दर्ज पाए गए.
ड्राफ्ट लिस्ट कब आएगी?
चुनाव आयोग 31 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा. इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. इस दौरान जिन लोगों का नाम सूची में नहीं होगा, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन देकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं. इसके बाद सभी आवेदनों की जांच की जाएगी और 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची पब्लिश की जाएगी.
जिनका फॉर्म नहीं भरा गया उनके पास क्या ऑप्शन?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने पहले ही साफ किया था कि जिन मतदाताओं ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है, वे फॉर्म नंबर-6 भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं. वहीं, जिनके रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी मिलेगी, उन्हें नोटिस भेजकर जरूरी सर्टिफिकेट मांगे जाएंगे.
किन जिलों में सबसे ज्यादा नाम बाहर होने की संभावना?
- आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने की संभावना है. यहां लगभग 4.55 लाख मतदाता प्रभावित हो सकते हैं, जो जिले के कुल मतदाताओं का करीब 29.27 प्रतिशत है.
- इसके बाद फरीदाबाद में करीब 5.18 लाख मतदाताओं (27.43 प्रतिशत) के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रह सकते हैं. पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, अंबाला और करनाल भी उन जिलों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हो सकते हैं.
- वहीं, मुस्लिम बहुल नूंह जिले में लगभग 71 हजार मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने की संभावना है. दूसरी ओर, फतेहाबाद में सबसे कम करीब 7.12 प्रतिशत मतदाता इस श्रेणी में आए हैं.
आगे क्या होगा?
फिलहाल यह केवल प्रारंभिक सूची है. चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना प्रक्रिया पूरी किए अंतिम सूची से नहीं हटाया जाएगा. इसलिए जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलेगा, वे तय समय के भीतर दस्तावेज जमा कर दावा कर सकते हैं.